कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए उत्तराखंड में टीकाकरण की रफ्तार बढ़ने लगी है। प्रदेश में अब तक 45 से अधिक आयु वर्ग में 80 प्रतिशत लोगों को कोविड का पहला टीका लगाया गया है। जबकि 18 से 44 आयु वर्ग में 54 प्रतिशत को पहली डोज लगाई जा चुकी है। हरिद्वार व ऊधमसिंह नगर जिला टीकाकरण में सबसे पीछे हैं।
राज्य में 16 जनवरी को कोविड टीकाकरण की शुरूआत की गई थी। 11 अगस्त तक प्रदेश में 45 प्लस में 80 प्रतिशत लोगों को पहली डोज लगाई गई। जबकि 46 प्रतिशत लोगों का टीकाकरण पूरा कर लिया गया। इसी तरह 18 से 44 आयु वर्ग में 54 प्रतिशत लोगों को पहली और 3.0 प्रतिशत को दूसरी डोज लग चुकी है।
सरकार ने 31 दिसंबर 2021 तक शत प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य रखा है। केंद्र सरकार की ओर से नियमित रूप से वैक्सीन उपलब्ध कराने से राज्य में टीकाकरण कार्य में तेजी आई है। वर्तमान में प्रदेश के पास तीन लाख से अधिक कोविड वैक्सीन का स्टॉक उपलब्ध है। जिसमें 2.54 लाख कोविशील्ड वैक्सीन की डोज है।
राज्य प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. कुलदीप मर्तोलिया ने बताया कि अल्मोड़ा, बागेश्वर, चंपावत, चमोली, पौड़ी, रुदप्रयाग व उत्तरकाशी जिले में 45 प्लस वर्ग में टीकाकरण का प्रतिशत सौ से अधिक है। जबकि अन्य जिलों की तुलना में हरिद्वार व ऊधमसिंह नगर जिला टीकाकरण में पीछे चल रहे हैं।
जिला - 45 प्लस पहली - दूसरी डोज - 18 से 44 पहली - दूसरी डोज प्रतिशत में
अल्मोड़ा - 115 - 65.3 - 53.0 - 3.6
बागेश्वर - 119.6 - 74.6 - 87.7 - 5.0
चमोली - 109.4 - 68.6 - 71.7 - 4.0
चंपावत - 99.8 - 58.7 - 72.7 - 5.1
देहरादून - 83.9 - 57.3 - 54.6 - 3.6
हरिद्वार - 59.8 - 25.4 - 44.5 - 1.7
नैनीताल - 80.8 - 48.9 - 59.0 - 3.8
पौड़ी - 106.2 - 66.9 - 50.6 - 2.2
पिथौरागढ़ - 91.7 - 48.5 - 58.6 - 3.8
रुद्रप्रयाग - 112.2 - 59.2 - 85.6 - 5.4
टिहरी - 95.7 - 56.4 - 57.8 - 2.3
ऊधमसिंह नगर -56.6 - 26.3 - 45.4 - 1.6
उत्तरकाशी - 99.0 - 66.3 - 76.9 - 3.9
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कुल- 80 - 46 - 54 - 3.0
नोट- 11 अगस्त तक प्रदेश में वैक्सीन की पहली व दूसरी डोज के आंकड़े प्रतिशत में है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवाल के प्रभारी चिकित्साधिकारी पर कोरोना एंटीजन जांच पर आठ युवाओं से साढ़े छह हजार रुपये लेने का आरोप लगा है। पैसे देने वाले एक युवक ने घटनाक्रम का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। इसके बाद यह वीडियो वायरल हो गया। मामले में डीएम ने सीएमओ चमोली को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। हालांकि, प्रभारी चिकित्साधिकारी ने आरोप को गलत बताया है।
वाण गांव निवासी विपिन ने बताया कि आठ युवाओं का चयन निम के प्रशिक्षण के लिए हुआ है। इसके लिए कोरोना एंटीजन जांच की रिपोर्ट मांगी गई थी। एंटीजन जांच के लिए वे शुक्रवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्साधिकारी के पास गए। आरोप है कि चिकित्साधिकारी ने आठों युवकों से एक-एक हजार रुपये मांगे। शनिवार को सभी युवक एंटीजन जांच के लिए अस्पताल गए और साढ़े छह हजार रुपये डॉक्टर को दिए।
विपिन ने इसका वीडियो बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। विपिन ने बताया कि शनिवार को आठ युवकों की एंटीजन जांच हुई। पहले डॉक्टर ने आठ हजार मांगे थे, लेकिन बाद में उन्होंने साढ़े छह हजार लिए। उन्होंने विभाग से इसकी जांच कर कार्रवाई की मांग की।
साढ़े छह हजार लेने का आरोप गलत है। मेडिकल फिटनेस के लिए एक व्यक्ति से 280 व पर्ची के 13 रुपये लिए गए। गलती से 180 रुपये ज्यादा लिए गए थे, जो लौटा दिए जाएंगे।
- डॉ. शहजाद अली, प्रभारी चिकित्साधिकारी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवाल
-यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। इसके बारे में जानकारी लेकर कार्रवाई की जाएगी।
- तृप्ति बहुगुणा, डीजी हेल्थ
प्रकरण मेरे संज्ञान में आया है। सीएमओ चमोली को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
- हिमांशु खुराना, जिलाधिकारी चमोली