रुड़की शहर में लंबे समय बाद एक साथ नौ सेंटरों पर टीकाकरण होने से लोगों को बड़ी राहत मिली है। लोगों ने लाइन में लगकर आराम से वैक्सीनेशन कराया। कई सेंटरों पर शाम तक वैक्सीनेशन होता रहा। वहीं, दो सेंटरों पर कोवाक्सिन की पहली और दूसरी डोज लगने से भी लोगों को राहत मिली है।
शहर में कुछ समय से पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन की डोज नहीं पहुंच पा रही थी। ऐसे में वैक्सीनेशन सेंटरों की संख्या भी 15 से घटकर तीन से चार रह गई थी। कम सेंटर होने से लोगों को वैक्सीन लगवाने के लिए मारामारी करनी पड़ रही थी।
आलम ये था कि घंटों लाइन में लगने के बाद भी लोगों को वैक्सीन की डोज खत्म होने पर निराश लौटना पड़ता था। सबसे बड़ी दिक्कत उन लोगों को हो रही थी, जिन्हें कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लगनी थी। समय होने के चलते दूसरी डोज लगवाने वाले लोग आए दिन सेंटरों के चक्कर लगा रहे थे। इन सब लोगों के लिए बृहस्पतिवार का दिन राहत देने वाला था, क्योंकि लंबे समय बाद स्वास्थ्य विभाग ने शहर में दस वैक्सीनेशन सेंटर खोले थे।
साथ ही कई सेंटरों पर वैक्सीन की 300 डोज भेजी गई थी। ऐसे में वैक्सीनेशन करवाने आए लोगों को भले ही लंबी लाइनों में लगना पड़ा, लेकिन निराश होकर नहीं लौटना पड़ा। अलबत्ता, प्राथमिक विद्यालय नंबर-14 में तीन बजे वैक्सीन खत्म हो गई थी।
इसके बाद यहां आए कुछ लोगों को सिविल अस्पताल भेज दिया गया था। शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की परियोजना प्रबंधक रंजना भटनागर ने बताया कि बृहस्पतिवार को बीएसएम इंटर कॉलेज, मूलराज इंटर कॉलेज, गांधी महिला शिल्प विद्यालय, स्कूल नंबर-14, हेल्पिंग हेंड, शिवाजी नगर रुड़की, आजाद नगर स्थित हैप्पी फैमिली अस्पताल, सिविल अस्पताल, नगर निगम और रामपुर चुंगी स्थित विधायक आवास पर वैक्सीनेशन हुआ।