कोरोना संक्रमण कम जरूर हुआ है, लेकिन खतरा अभी नहीं टला है। बाजारों और गंगा घाटों पर उमड़ रही भीड़ से संक्रमण की आशंका बढ़ गई है। लोग शारीरिक दूरी का पालन नहीं कर रहे। अधिकांश लोगों ने मास्क पहना भी छोड़ दिया है। हर रोज बढ़ती भीड़ को पुलिस भी नियंत्रित नहीं कर पा रही है। बॉर्डर पर बिना कोविड आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट की जांच के ही बाहरी राज्यों से यात्री पहुंच रहे हैं।
कोरोना की दूसरी लहर कम होने के बाद प्रदेश सरकार ने कोविड कर्फ्यू में ढील दी है। अब बाजार सप्ताह में छह दिन खुल रहे हैं। बाहरी प्रदेशों से भी से बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंच रहे हैं। हरकी पैड़ी के साथ ही प्रमुख गंगा घाटों पर सुबह से शाम तक बड़ी संख्या में लोग घूमते नजर आते हैं।
गंगा आरती में भी खूब भीड़ उमड़ रही है। सहालग सीजन होने से काफी संख्या में लोग बाजार पहुंच रहे हैं। बाजारों और गंगा घाटों की रौनक के बीच कोविड संक्रमण का खतरा भी बढ़ रहा है। मास्क नहीं पहनने पर पुलिस के टोकने पर लोग गर्मी में पसीना आने और कोई दम घुटने का बहाना बना रहा है।
धर्मनगरी में अचानक भीड़ का दबाव बढ़ा है। हरकी पैड़ी से लेकर बाजारों में लोग लापरवाही कर रहे हैं। पुलिस की ओर से यात्रियों को शारीरिक दूरी और मास्क पहनने की अपील की जा रही है। हरकी पैड़ी और बाजार क्षेत्रों में चेकिंग अभियान भी चलाया जा रहा है। लोगों को पुलिस की डर नहीं बल्कि अपनी और अपनों की सुरक्षा के लिए कोविड नियमों का पालन करने की जरूरत है।
- सेंथिल अवूदई कृष्णराज एस, एसएसपी