कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में शिकारियों ने एक बाघिन को फंदे में फंसा लिया। खुशकिस्मती से बाघिन बच निकली, लेकिन उसकी जान अब भी खतरे से बाहर नहीं है। बाघिन के शरीर में तार (स्नेयर) धंसा हुआ है।
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में शिकारियों द्वारा एक बाघिन के शिकार करने के मामले में शासन ने जांच बैठा दी है। अमर उजाला में खबर छपने के बाद मामले का संज्ञान लेते हुए प्रमुख सचिव वन आरके सुधांशु ने संबंधित अधिकारियों को जांच के आदेश दिए हैं।
बता दें कि कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में शिकारियों ने एक बाघिन को फंदे में फंसा लिया। खुशकिस्मती से बाघिन बच निकली, लेकिन उसकी जान अब भी खतरे से बाहर नहीं है। बाघिन के शरीर में तार (स्नेयर) धंसा हुआ है। इस घटना से पूरे वन महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। कॉर्बेट प्रशासन ने करीब 20 दिन पहले कालागढ़ रेंज में एक बाघिन को ट्रेंकुलाइज कर रेस्क्यू किया है।
बाघिन की उम्र सात से आठ साल बताई जा रही है। बाघिन शिकारियों के फंदे में फंस गई थी, लेकिन किसी तरह वह आजाद हो गई। उसके शरीर में पेट वाले हिस्से में तार अब भी भीतर तक धंसा हुआ है। पार्क प्रशासन की ओर से बाघिन को पकड़कर इलाज किया जा रहा है। चिकित्सकों की देखरेख में इस समय बाघिन ढेला स्थित रेस्क्यू सेंटर में है।