प्रदेश में मौजूद हैं 442 बाघ
वर्ष 2018 की गणना के अनुसार प्रदेश में बाघों की संख्या 442 है। वर्ष 2023 में बाघों की गणना के आंकड़े जारी किए गए हैं, उसके अनुसार, देशभर में बाघों की संख्या करीब 3167 बताई गई है। राज्यवार बाघों के आंकड़े अभी जारी नहीं किए गए हैं। बताते चलें कि प्रदेश में वर्ष 2001 से अब तक कुल 181 बाघों की मौत विभिन्न कारणों से हुई है।
वर्ष 2001 से मई 2023 तक बाघों की मौत के आंकड़े
शिकारियों की ओर से मारे गए- 06
विभिन्न दुर्घटनाओं में मारे गए - 16
जंगल की आग में - 02
मानव जीवन के लिए खतरा बने - 04
आपसी संघर्ष में - 37
स्वाभाविक मौत - 85
सड़क दुर्घटना में - 01
सांप के काटने पर - 01
जाल में फंसकर- 01
मृत्यु का कारण पता नहीं- 28
कुल मारे गए - 181
कॉर्बेट में ट्रेंकुलाइज की गई बाघिन की सर्जरी की जाएगी या नहीं, इसके लिए विशेषज्ञों की राय ली जा रही है। तार बाघिन के शरीर में इस कदर घुस चुका है कि उसके ऊपर मांस चढ़ गया है। ऐसे में सर्जरी के दौरान बाघिन के जीवन को खतरा भी हो सकता है। ऐसे में बाहर से भी विशेषज्ञ बुलाकर उनकी राय ली जाएगी।
- डॉ. समीर सिन्हा, मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक, वन विभाग