बारिश से जंगल में वन मार्गाें को खासा नुकसान पहुंचा है। कार्बेट और राजाजी टाइगर रिजर्व के कई वन मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए हैं। अब वन कर्मी पैदल गश्त के अलावा हाथियों और ऑल टेरेन वाहन के जरिये गश्त कर रहे हैं।
कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक साकेत बडोला बताते हैं कि बारिश से कई मार्ग क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसमें सोनानदी-कालागढ़ मार्ग नीम स्रोत के पास क्षतिग्रस्त हुआ है। बतनबसा-कालागढ़, दुर्गादेवी-मैदावन, मैदावन-लोहाचौड़ मार्ग को भी क्षति पहुंची है। कांडा-ढिकाला मार्ग और बिजरानी रेस्ट हाउस के आगे मार्ग है, उसे भी नुकसान पहुंचा है।
कई स्थानों पर ढिकाला मार्ग भी टूटा है। बीच-बीच में मार्ग की मरम्मत की गई थी, फिर बारिश से मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया। वर्तमान में पैदल गश्त की जा रही है। इसके अलावा कार्बेट टाइगर रिजर्व में 14 हाथी है, उसमें से एक बार में 10 हाथियों से गश्त की जा रही है। सीटीआर में ऑल टेरेन वाहन है, इससे भी गश्त हो रही है। जो चौकियां दुर्गम क्षेत्र में है, वहां पर राशन पहले से पहुंचा दिया गया था, जिससे वन कर्मियों को समस्या न हो।
राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक कोको रोसे बताते हैं कि मोहान-रानीपुर, रामगढ़-सत्यनारायण जैसे मार्ग क्षतिग्रस्त हुए हैं। पिछले साल के अनुभव को देखते हुए पानी के स्रोताें का रास्ता बदला गया था, इससे कुछ स्थिति ठीक है। वन कर्मी हाथियों से भी गश्त कर रहे हैं। संवेदनशील जगहों पर विशेष तौर पर निगरानी की जा रही है।
ये भी पढे़ं...गोपेश्वर: एक घंटे आफत की बारिश, सड़कें गदेरे में तब्दील, होटल-दुकानों में घुसा गंदा पानी; बाजार में अफरा तफरी
राज्य के 43 मार्ग बंद
राज्य में बारिश और भूस्खलन के चलते 40 मार्ग बंद हैं। इनमें बागेश्वर में सात, चमोली में नौ, चंपावत में दो, देहरादून में दो, नैनीताल में दो, पौड़ी में दो और उत्तरकाशी में दो मार्ग बंद हैं। पिथौरागढ़ में नौ, रुद्रप्रयाग में पांच और टिहरी में तीन मार्ग बंद हैं। इस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।