केंद्र सरकार की ओर से यूरिया को नीम कोटेड करने के फैसले में खाद बनाने वाली सहकारी कंपनी इफको के प्रयास से नीम के दिन बहुर गए हैं। देश में नीम की 45 लाख पौध रोपी जा चुकी है और इस साल के अंत तक 15 लाख पौध और रोपित की जाएगी। उत्तराखंड में ही सवा लाख पौध लगाने की तैयारी की जा रही है। इसमें से करीब 40 हजार पौध पतंजलि के माध्यम से लगाई भी जा चुकी है।
केंद्र सरकार के फैसले के बाद से ही इफको को निंबोलियों की कमी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में इफको ने सीधे समस्या के मूल पर काम करने का मन बनाया। इसी के तहत इफको ने इंडियन फार्म फोरेस्ट्री डेवलपमेंट कोऑपरेटिव स्थापित की। इसके जरिए नीम की पौध तैयार कराई गई। पिछले तीन साल में पूरे देश में इफको किसानों को करीब 45 लाख पौध किसानों को निशुल्क उपलब्ध करा चुका है। इस साल 15 लाख पौध लगाए जाने का भी लक्ष्य है और इसमें से करीब 6 लाख पौध लगाई भी जा चुकी है। उत्तराखंड में पतंजलि को इफको ने साथ में लिया। पहले चरण में पतंजलि ने 20 हजार पौधे लगाए और इन पौधों को लगाने का फोटो एक डेडीकेटिड सर्वर पर अपलोड किया। इसके बाद 20 हजार पौध इसी तरह से लगाई गई। इफको के मुताबिक उत्तराखंड में करीब सवा लाख पौध लगाना तय किया गया है।
निंबोली की कमी की समस्या सामने आने पर इफको के एमडी डा.यूएस अवस्थी ने बोर्ड के जरिए नीम पौधारोपण किसानों के जरिए करवाना तय किया था। नीम की पौध तैयार करने का काम इंडियन फार्म फोरेस्ट्री डेवलपमेंट कोऑपरेटिव को दिया गया। आईएफडीसी की इस समय 154 नर्सरी नीम की पौध तैयार कर रही हैं। इसमें 15 लाख पौध हर साल किसानों को निशुल्क दी जा रही हैं और इस साल भी 15 लाख पौध वितरित की जा रही हैं।
- योगेंद्र कुमार, निदेशक विपणन, इफको
उत्तराखंड में इस काम को और ज्यादा से ज्यादा फैलाने की कोशिश है। इफको ने एक मंच उपलब्ध कराया है और कोशिश इस मंच का अधिकतम उपयोग करने की है।
- प्रमोद कुमार सिंह, निदेशक इफको
नीम की कड़वाहट घोल रही मिठास
पौधरोपण से इतर इफको का एक फैसला नीम की कड़वाहट से किसानों के जीवन में मिठास घोलने का काम कर रही है। इफको के विपणन निदेशक योगेंद्र कुमार के मुताबिक किसानों से 25 प्रतिशत से अधिक आद्रता न होेने वाली निंबोली को 15 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदा जा रहा है। मार्केट में इस समय रेट करीब छह रुपये प्रति किलो है। 20 पेड़ अगर किसी किसान के पास हैं तो वह 12000 रुपये तक आराम से कमा ले रहा है।