उत्तराखंड विद्युत संविदा कर्मियों को ऊर्जा निगम प्रबंधन, सरकार और जेल प्रशासन से धमकियां मिल रही हैं। धमकियों के विरोध में संविदा कर्मियों ने जेल में आमरण अनशन के साथ मौन व्रत शुरू कर दिया है। अनशन करने वालों में राज्य आंदोलनकारी भी शामिल हैं।
आमरण अनशन खत्म करने का नोटिस
विद्युत संविदा कर्मियों ने बताया कि सोमवार को हरिद्वार जेल प्रशासन ने उन्हें नोटिस दिया। नोटिस में उल्लेख किया गया है कि आमरण अनशन तत्काल समाप्त किया जाए। ऐसा न करने पर एक साल की सजा भी हो सकती है। इसके विरोध में राज्य आंदोलनकारी रहे विद्युत संविदा कर्मी नंदन रावत और परमानंद बहुगुणा ने हरिद्वार जेल में अनशन शुरू कर दिया।
संविदा कर्मियों ने ट्रेड यूनियन और संगठनों से मांग की है कि संकट की इस घड़ी में वे उनका साथ दें। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार की धमकियों से संविदा कर्मी डरने वाले नहीं है। वे आखिरी दम तक हक की लड़ाई जारी रखेंगे।