योग्यतानुसार संविदा पर नियुक्ति दिए जाने की मांग
इसके अलावा मानव शक्ति उपलब्ध कराने के नाम पर हो रही लूट को बंद किया जाए। उन्होंने मांग की कि तीनों निगमों के उपनल संविदाकर्मियों को हर माह 300 यूनिट बिजली मुफ्त दी जाए। विद्युत दुर्घटना या सामान्य मृत्यु होने पर कम से कम 20 लाख रुपये का मुआवजा व मृतक आश्रित को उसकी योग्यतानुसार संविदा पर नियुक्ति दी जाए।
साथ ही जोखिमभरा काम होने के नाते ऊर्जा निगमों के संविदाकर्मियों को अन्य की श्रेणी से बाहर करके विशेष श्रेणी बनाई जाए और उसी हिसाब से वेतन-भत्ते दिए जाएं। उन्होंने ये भी मांग की कि उपार्जित अवकाश को या तो अगले साल समायोजित करें या फिर अवकाश नकदीकरण किया जाए। उन्होंने छह नवंबर को ऊर्जा भवन मुख्यालय में एक दिवसीय ध्यानाकर्षण आंदोलन का एलान किया है। साथ ही चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गई तो दिवाली के दौरान वे अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर देंगे।
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महंगाई भत्ता देने में क्यों पीछे हटी सरकार
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष विनोद कवि ने कहा, शासन ने वर्ष में दो बार महंगाई भत्ता बढ़ाने का निर्णय 11 जुलाई को लिया और अगले ही दिन उसे स्थगित कर दिया, जबकि ये निर्णय मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में हुए समझौते के तहत हुआ था। इसके बावजूद सरकार इससे पीछे क्यों हटी। उन्होंने मांग की कि तत्काल इसका आदेश जारी किया जाए।