वहीं उत्तराखंड कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल शुक्रवार को राहुल गांधी से मिले। उनके साथ पार्टी प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव भी मौजूद रहे। राहुल गांधी ने गणेश गोदियाल को शुभकामनाएं दीं।
धामी पहले गुस्सा हुए और फिर मान गए
लिस्ट जारी होते ही सबसे पहली प्रतिक्रिया धारचूला विधायक हरीश धामी की सामने आई। सोशल मीडिया में उनके पार्टी छोड़ने तक की भी खबरें चलीं। पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच उन्होंने अपनी नाराजगी भी जाहिर की। उनकी नाराजगी चार कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने और आर्येंद्र शर्मा को कोषाध्यक्ष बनाए जाने को लेकर थी। उनके अनुसार जिस व्यक्ति ने पार्टी के कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ चुनाव लड़ा, उसको पार्टी में कोषाध्यक्ष बनाना उचित नहीं था।
बताया जा रहा है कि इस मुद्दे पर हरीश रावत ने धामी से फोन पर बात कर गुस्सा शांत करने की बात कही। इसके बाद शुक्रवार को धामी के सुर बदल गए। उन्होंने कहा कि अब उनकी किसी से कोई नाराजगी नहीं है। कहा कि हमारी सभी मांगें पूरी हो गई हैं। हरीश रावत को पार्टी ने चेहरा बनाया है। इसके अलावा ब्राह्मण समाज से गणेश गोदियाल को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। प्रीतम सिंह को भी नेता प्रतिपक्ष बनाकर सम्मान दिया गया है। वैसे भी प्रदेश अध्यक्ष के नाते हुए उनका कार्यकाल पूरा हो गया था।
हरीश रावत को भी धीरे से दिया जोर का झटका
विभिन्न कमेटियों में अपने लोगों की ताजपोशी कराने में सफल रहे राजनीतिक धुरंधर हरीश रावत को भी पार्टी हाईकमान ने धीरे से जोर का झटका दिया है। बताया जा रहा है कि कार्यवाहक अध्यक्षों की जो सूची जारी की गई है, उसमें एक नाम राजपाल खरोला का भी था। सूची फाइनल करने से पूर्व पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल की प्रीतम सिंह से फोन पर बातचीत हुई।
इसमें प्रीतम ने खुलकर अपनी नाराजगी दर्ज कराई। इसके बाद राजपाल खरोला का नाम हटाकर रंजीत रावत का नाम जोड़ा गया। जिसकी हरीश को भनक तक नहीं लगने दी गई। एक समय था, जब रंजीत रावत हरीश रावत के कंमाडर के तौर पर जाने जाते थे। लेकिन वर्ष 2017 के विस चुनाव के बाद दोनों के बीच अनबन हो गई। सूची में शामिल दूसरा नाम आर्येंद्र शर्मा का है, जिसे हरीश रावत के लिए बड़ी राजनीतिक हार के तौर पर देखा जा रहा है।