प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने पार्टी की अनुशासन समिति को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। पार्टी ने यह कार्रवाई अनुशासन समिति के अध्यक्ष रविंद्र जैन के बेटे विपुल जैन के पार्टी के खिलाफ चुनाव लड़ने के मद्देनजर की है। जैन को चुनाव के दौरान ही पद से हटा दिया गया था। रविवार को आईटी विभाग को भंग करने के बाद पार्टी की यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है।
चुनाव में करारी शिकस्त के बाद कांग्रेस अब अपनी कमजोरियों को दुरुस्त करने की कोशिश में जुटी है। सोमवार को प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर अनुशासन समिति को भंग कर दिया गया। चुनाव के दौरान अनुशासन समिति को लेकर पार्टी को खासा असहज होना पड़ा था। जिस दौरान पार्टी अपने कार्यकर्ताओं को निष्ठा और समर्पण का पाठ पढ़ा रही थी, ठीक उसी दौरान पार्टी की अनुशासन समिति के अध्यक्ष रविंद्र जैन के बेटे विपुल जैन ने विकासनगर चुनाव क्षेत्र पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी नवप्रभात के खिलाफ पर्चा दाखिल कर दिया। मामला संज्ञान में आने के बाद पार्टी ने रविंद्र जैन को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया।
लेकिन, अनुशासन समिति का अस्तित्व बना रहा। अब पार्टी ने समिति भंग कर इसकी बागडोर वरिष्ठ नेता डॉ. के.एस. राणा को सौंपी है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी ने बताया कि नई समिति में महेश कांडपाल को सदस्य सचिव बनाया गया है। उनके अलावा सुशीला देवी, अशोक धींगान व डॉ. युनूस चौधरी को सदस्य मनोनीत किया गया है। अनुशासन समिति के पदाधिकारी एवं सदस्यों से अपेक्षा की गई है कि वे अपने दायित्वों का भलीभांति निर्वहन करते हुए कांग्रेस की गौरवशाली परंपराओं के अनुरूप पार्टी संगठन को मजबूत और अनुशासित रखने में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपेक्षा की गई है।