गैरसैंण को राजधानी बनाए जाने के मुद्दे पर सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जल्द ही फैसला लेने को कहा। वहीं उन्होंने उत्तराखंड की माली हालत को दूर करने के लिए त्रिवेंद्र सरकार वित्तीय अनुशासन बनाएगी। इसके लिए फिजूलखर्ची को रोका जाएगा और आय के स्रोतों को बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। सोमवार को कैंट स्थित आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने यह बात कही।
बता दें कि राज्य पर बढ़ते कर्ज के बोझ को ‘अमर उजाला’ ने समय-समय पर प्रमुखता से उठाया है, जिसे नई सरकार ने संजीदगी से लिया है। सीएम रावत ने यह भी कहा कि पूर्व में जो गलत निर्णय किए गए हैं, उनकी समीक्षा करेंगे और आवश्यकता होने पर बदलेंगे भी। गौवंश संरक्षण कानून के प्रति सरकार प्रतिबद्ध रहेगी।
गौवंश संरक्षण के लिए बने कानून को जमीन पर गहराई के साथ उतारा जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय स्वच्छता अभियान को प्रदेश में आगे बढ़ाने की बात कहते हुए सीएम ने कहा कि मां गंगा की निर्मलता के लिए देश भर में जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। वहीं नमामि गंगे मिशन को और अधिक तेजी और दृढ़ता के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शी, संतुलित विकास और स्वच्छ शासन उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की सरकार में तमाम विवादित तैनातियों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि भाई-भतीजावाद पर रोक लगेगी। पलायन को रोकने के लिए ठोस नीति बनाकर पूरी मजबूती से लागू किया जाएगा। उद्योग राज्य से बाहर न जाएं, इसकी भी समीक्षा की जाएगी। राज्य में कानून व्यवस्था की स्थापना और अनुशासित कार्यशैली सुनिश्चित की जाएगी। प्रवासी उत्तराखंडियों को आमंत्रित करके उनका भी विभिन्न मुद्दों पर सहयोग लिया जाएगा। प्रवासी उत्तराखंडियों से अनुरोध है कि पलायन को रोकने के लिए वालेंटियर के तौर पर योगदान करें।
कहा कि जिन अधिकारियों को सरकारी फोन उपलब्ध करवाए गए हैं, सुनिश्चित किया जाएगा कि वे अपने फोन हमेशा ऑन रखें। नए जिलों के गठन के संबंध में पूर्व की सरकार की कवायद को अमल में लाने की बात पूछने पर उन्होंने ऐसी किसी जानकारी से इंकार किया। तबादला एक्ट समेत अन्य को अनुकूलता के आधार पर लागू किए जाने की बात भी उन्होंने कही।
संपत्तियों के बंटवारे के संबंध में पूछने पर भी उन्होंने कहा कि यूपी बड़ा भाई है। जल्द ही इस पर सहमति बन जाएगी। गैरसैंण को राजधानी बनाए जाने के मुद्दे पर उन्होंने जल्द फैसला लेने को कहा। चारधाम यात्रा को और सुगम बनाने के लिए समीक्षा करने की बात सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कही। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, प्रकाश पंत, धन सिंह नेगी, भूपेंद्र कंडारी, मुख्य सचिव एस. रामास्वामी, कमिश्नर गढ़वाल विनोद शर्मा, सचिव शैलेश बगोली आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।