पूर्व विधायक हरीश धामी को अकेले लाल बत्ती देने के बाद कांग्रेसी लाल हो गए हैं। दरअसल कांग्रेस प्रभारी अंबिका सोनी नवंबर के अंत तक संगठन में पद और सरकार में दायित्व दिए जाने की बात कह गई थीं। जिसके बाद उम्मीद थी कि एक साथ सभी पदाधिकारियों व दायित्वधारियों की घोषणा होगी।
असंतुष्ट खेमे के साथ अन्य दावेदार भी नाराज
लेकिन उत्तराखंड सीएम के अचानक एक लाल बत्ती बांटने से असंतुष्ट खेमे के साथ अन्य दावेदार भी नाराज हैं। उधर, हरीश धामी ने बतौर वन निगम के अध्यक्ष बुधवार को अपना कार्यभार संभाल लिया है। कांग्रेस में लाल बत्ती को लेकर लंबे समय से घमासान है।
हरीश रावत को सीएम बने करीब दस महीने हो रहे हैं लिहाजा दबाव बना हुआ है। रावत ने भी कुछ लोगों को दायित्व सौंपा है, लेकिन इस बार धामी का नाम अकेले आने के बाद नाराजगी बढ़ गई है। गढ़वाल से जुड़े नेताओं ने एक बार फिर उपेक्षा का आरोप लगाया है।
उनका कहना है कि संतुलन न बनाकर कुमाऊं को विशेष महत्व मिल रहा है। तिलकराज बेहड़, प्रयाग दत्त भट्ट, रंजीत रावत और हरीश धामी को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है। हरिद्वार जिले में भी दो लाल बत्ती गई है।
दावेदारों में शामिल एक नेता ने कहा कि धामी पर आपत्ति नहीं है। लेकिन जब प्रभारी नवंबर अंत तक की बात कह गई हैं तो सभी खाली पदों को एक साथ भरकर घोषणा हो सकती थी। इस फैसले से लगता है कि नवंबर में भी अन्य लोेगों को दायित्व नहीं बांटे जाएंगे।