राज्यसभा की एक सीट पर शनिवार को हो रहे चुनाव को लेकर कांग्रेस ने चुनावी बिसात बिछा दी है। इसमें कोई खामी न रह जाए इसके लिए हाईकमान के निर्देश पर प्रदेश प्रभारी अंबिका सोनी के अलावा बतौर पर्यवेक्षक मुकुल वासनिक शुक्रवार को दून में होंगे। दोनों केंद्रीय नेताओं के साथ मंत्रियों, विधायकों और पीडीएफ नेताओं की मुख्यमंत्री आवास पर अहम बैठक बुलाई गई है।
वैसे तो कांग्रेस राज्यसभा सीट जीतने को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नजर आ रही है। मुख्यमंत्री हरीश रावत से लेकर कैबिनेट मंत्री डॉ. इंदिरा हृदयेश समेत तमाम नेता सुनिश्चित जीत के दावे कर रहे हैं। लेकिन, कांग्रेस को अपना कुनबा संभालने के साथ ही पीडीएफ को संभालना कम आसान नहीं है।
कांग्रेस के अंदर डर
वैसे तो पार्टी नेता इस बात के दावे लगातार कर रहे हैं कि क्रास वोटिंग की संभावना दूर-दूर तक नहीं है। कांग्रेस, पीडीएफ सब एकजुट हैं। लेकिन, सूत्रों की मानें तो कही न कही कांग्रेस को क्रास वोटिंग का डर सता रहा है। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने दलित कार्ड खेलकर गेम को अपने पक्ष में मोड़ने की नई चाल चली है।
उन्होंने बयान जारी किया है कि भाजपा एक दलित को राज्यसभा में जाने से रोकने का प्रयास कर रही है। बहरहाल मतदान से पहले जो स्थितियां बन रही है उसे देखते हुए कांग्रेस को असल ताकत क्रास वोटिंग रोकने को लेकर लगानी होगी। पार्टी अपने इस मकसद में कितना कामयाब होती है।