इससे पहले भी हरीश रावत कुछ मौकों पर सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत की कार्यशैली की तारीफ कर चुके हैं। रावत की आम पार्टी में जब सीएम पहुंचे थे, तब भी दोनों के मधुर रिश्तों की सियासी चर्चाएं हुई थीं। हालांकि संतुलन बनाते हुए फिर कई मौकों पर हरीश रावत ने सीएम पर हमले किए थे।
अब एक बार फिर उन्होंने सीएम की तारीफ की है। वैसे, सोशल मीडिया पर डाली एक अन्य पोस्ट में सीएम को हरीश रावत ने आगाह भी किया है। यह पोस्ट सौर ऊर्जा प्लांट से संबंधित है। हरीश रावत ने कहा है कि राज्य सरकार कह रही है कि पर्वतीय क्षेत्रों में 148 मेगावाट के सौर ऊर्जा प्लांट लगाए जाएंगे। यदि ये सौर ऊर्जा प्लांट छोटे टुकड़ों में एक या दो मेगावाट के हिसाब से लगाए जाएंगे, तो इसका स्वागत है। यदि ये कुछ बडे़ पावर सेक्टर प्लेसर्य को दिए जा रहे हैं, तो चिंता का विषय है। उन्होंने बताया है कि जब वह सीएम थे, तब दो पावर जायंट्स और एक हर्बल जायंट्स मेरे पास भी आए थे, उन्हें मैंने राज्य के हित में ठुकरा दिया था।
पूर्व सीएम हरीश रावत ने अपनी एक अन्य पोस्ट में कहा है कि मोदी सरकार अब कर्नाटक से लेकर बंगाल तक सरकारों का भोजन कर रही है। उन्होंने इससे पहले अपनी पोस्ट में कहा था कि अखबारों में खबर छपी है जिसके संदेश ये निकल रहे हैं कि तेंदुए भी शाकाहारी हो रहे हैं।
रावत ने कहा था कि मोदी राज में सब कुछ मुमकिन है। बाद में पोस्ट में उन्होंने कहा कि मोदी सरकार जब सरकारों का भोजन कर रही है, तो जानवर शाकाहारी हो गए हैं।
वहीं हरिद्वार में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने रविवार को कार्यकर्ताओं में हौसला जगाया। कहा कि उन्हें मायूस नहीं होना चाहिए। कांग्रेस बस चुनाव हारी है। राजनीति में इस तरह के उलटफेर चलते रहते हैं। दावा किया कि कांग्रेस फिर मजबूत होगी। इसके लिए कार्यकर्ताओं से भी जुट जाने का आह्वान किया।
हरिद्वार पहुंचे हरीश रावत ने यहां कई जगह कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। जयराम आश्रम में पहुंचकर आश्रम के पीठाधीश्वर ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी से मुलाकात की। पिछले दिनों ऋषिकेश में उनके बड़े भाई ओमप्रकाश शर्मा के निधन पर शोक जताया।
अमर उजाला से बातचीत में रावत ने राहुल गांधी के हार की जिम्मेदारी अपने ऊपर लेकर कदम उठाने को बड़ी बात करार दिया। कहा कि इससे पार्टी में जिम्मेदारी तय करने और लेने की परंपरा और मजबूत होगी। उन्होंने एक कार्यकर्ता से कम से कम 5 लोगों को पार्टी से जोड़ने को कहा।
लोकसभा चुनाव में भाजपा को मिली बड़ी जीत पर उन्होंने आश्चर्य जताया। कहा कि उत्तराखंड में अगर हरिद्वार तथा ऊधमसिंह नगर की जीत को इतने बड़े अंतर की जीत मान भी लिया जाए तो भी पहाड़ में जैसे परिणाम आए वह संभव नहीं। वहां का सामाजिक ताना-बाना इस तरह का है ही नहीं। टिबड़ी में राजेंद्र जाटव के आवास पर भी रावत का स्वागत किया गया। इससे पूर्व हरिद्वार पहुंचने पर पूर्व मुख्यमंत्री का कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पुरुषोत्तम शर्मा, जिला पंचायत के उपाध्यक्ष राव आफाक अली, राजवीर चौहान, ठाकुर रतन सिंह, कैलाश प्रधान, पूर्व राज्य मंत्री सुशील चौधरी, मनीष कर्णवाल आदि ने स्वागत किया।