रावत ने यह भी लिखा है कि शरीर की व्यवस्था और अन्य व्यवस्थाओं को देखते हुए उन्हें यह कार्यक्रम स्थगित करने पड़ रहे हैं। दूसरी ओर, रावत के इस कदम को उनकी नाराजगी से भी जोड़कर देखा जा रहा है। बीते दिन ही कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कांग्रेस की कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भंग किया था।
इस कमेटी में रावत के कई समर्थक मौजूद थे। इस पर रावत ने कोई प्रतिक्रिया जाहिर नहीं की थी। हालांकि, पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने जरूर कहा था कि कांग्रेस में प्रदेश इकाई को भंग करने की परंपरा नहीं रही है।
इससे पहले रावत ने बयान दिया था कि सदन में सत्ता पक्ष के विधायक विपक्ष का काम कर रहे हैं, कांग्रेस के सदस्य सावधान रहें। उनके इस बयान पर भी कांग्रेस में हो हल्ला हुआ था।