सुशीला तिवारी अस्पताल की इमरजेंसी में मंगलवार रात हुए हंगामे के सीसीटीवी फुटेज में खुलासा हुआ है। कैमरे में रात की सारी घटना कैद हो गई। इससे साफ है कि विधायक धामी पर डॉक्टर ने हमला नहीं किया था। पुलिस के मुताबिक उन्होंने डॉक्टर पर झूठा आरोप लगाया था।
सीसीटीवी में दिख रहा है कि धारचूला विधायक हरीश धामी ने मेज पर रखे उपकरण से अपने सिर पर खुद वार किया था। ऐसा करने से मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने उन्हें रोका भी था। हालांकि यह साफ नहीं है कि यह उपकरण कौन सा है।
धारचूला निवासी खड़क सिंह धामी की गर्भवती पत्नी दीपा धामी के उपचार में लापरवाही को लेकर विधायक हरीश धामी की इमरजेंसी में तैनात डॉक्टरों से कहासुनी हो गई थी। आरोप है कि इस बीच एक सुरक्षा गार्ड ने खड़क सिंह को विधायक के सामने ही थप्पड़ जड़ दिए। इस पर विधायक भड़क गए और डॉक्टरों से नोकझोंक हो गई। विधायक का आरोप है कि एक जूनियर डॉक्टर ने उनके सिर पर प्लास्टिक की बोतल दे मारी।
इसके बाद विधायक इमरजेंसी के बाहर ही धरने पर बैठ गए थे। देर रात एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव और एसडीएम अब्ज प्रसाद बाजपेयी भी अस्पताल पहुंचे और किसी तरह मामले को निपटाया। बुधवार को सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। इसमें विधायक धामी डॉक्टर से अभद्रता करने के साथ ही गला पकड़ने का प्रयास करते दिख रहे हैं।
विधायक इमरजेंसी में ही कुर्सी पर बैठै थे और अचानक डॉक्टर की टेबल पर रखे किसी उपकरण से अपने सिर पर वार करने लगे। इमरजेंसी में ही मौजूद प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा विधायक को बचाते दिखाई पड़ रहे हैं। प्राचार्य ने विधायक के हाथ से उपकरण लिया और उनको इमरजेंसी से बाहर लाने का प्रयास किया।