कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अनुग्रह नारायण सिंह ने भी इस मामले में नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि पार्टी को कोरोना संक्रमण से निपटने पर फोकस करना चाहिए। इसके उलट एक दूसरे के खिलाफ उकसाने का काम किया जा रहा है। प्रभारी ने इस मामले को लेकर अनुशासन समिति के अध्यक्ष से भी बात की। इसके बाद अनुशासन समिति भी हरकत में आई।
कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान से भी जुड़ रहा है मामला
बताया जा रहा है कि यह मामला कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान से भी जुड़ा हुआ है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत के समर्थकों के बीच पहले भी तल्खी सामने आई थी। प्रीतम समर्थकों का कहना है कि यह प्रीतम को दबाव में लेने की रणनीति का हिस्सा है। इधर, खुद हरीश रावत ने इस जानकारी को गलत ठहराया। रावत के समर्थकों ने भी कहा न तो हाईकमान ने इस तरह का कोई फैसला लिया और न ही हरीश रावत की तरफ से इस तरह की कोई जानकारी ही दी गई।
साइबर कानून के तहत शिकायत दर्ज कराऊंगा: हरीश रावत
पार्टी प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की गलत सूचना सोशल मीडिया पर जारी करने को कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत ने भी गंभीरता से लिया है। देर शाम हरीश रावत ने ट्वीट कर सूचना को शैतानी से भरा झूठ करार दिया। रावत ने कहा कि वे इस मामले में साइबर कानून के तहत शिकायत दर्ज कराएंगे।
किसी ने हरीश रावत के एक फोटो के साथ लिखा कि प्रदेश अध्यक्ष बनने पर बधाई। यह जानकारी तेजी से शेयर की जाने लगी तो हरीश रावत को खुद ही मैदान में उतरना पड़ा। हरीश रावत ने ट्वीट किया कि यह उनके साथ शरारत हुई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष वे नहीं प्रीतम सिंह ही हैं और वे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के साथ हैं। उन्होंने कांग्रेसियों से आग्रह किया है कि वे उनके अध्यक्ष बनाए जाने को लेकर जारी प्रचार का खंडन करें। यह पूरी तरह से भ्रामक है।
इतना ही नहीं, किसी ने हरीश रावत का फोटो जारी किया और लिखा-गुमशुदा की तलाश। हरीश रावत के मुताबिक यह देखकर पहले वे खूब हंसे। रावत ने कहा कि संकट की घड़ी में थोड़ा बहुत हंसी मजाक भी होना चाहिए। यह समय डरकर नहीं बल्कि अनुशासित रहकर देश और समाज के रूप में कोरोना का मुकाबला करने का है।