मान्यता है कि उसके बाद भगवान गरुड़ धाम के लिए रवाना हो जाते हैं और उसी दिन से यात्रा शुरू मानी जाती है, लेकिन मंदिर से जुड़े लोग इस बात से आशंकित हैं कि यदि लॉकडाउन बढ़ता है तो यह सब व्यवस्थाएं और यात्रा कैसे होगी।
अगर 15 अप्रैल को लॉकडाउन खुलता है तो मंदिर से जुड़े लोगों के पास व्यवस्थाएं बनाने के लिए 15 दिन ही शेष होंगे। यात्रा को लेकर चमोली जिले में सबसे ज्यादा उत्साह रहता है, लेकिन कोरोना के कारण लोगों में कोई उत्साह नहीं दिख रहा है।
उम्मीद है कि भगवान बदरीविशाल के कपाट खुलने से पहले कोरोना का खौफ खत्म हो जाएगा और यात्रा अच्छी रहेगी। जितने भी दिन मिलेंगे उसमें हम तैयारियां कर लेंगे। शुरुआत में यात्रा कुछ कम हो सकती है।
- भुवन चंद्र उनियाल, धर्माधिकारी, बदरीनाथ मंदिर