देहरादून की पूर्व मेयर मनोरमा शर्मा डोबरियाल उत्तराखंड की राज्यसभा सीट के लिए कांग्रेस की पसंद बन गई हैं। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शुक्रवार देर रात पार्टी आलाकमान के फैसले की जानकारी दी। उम्मीदवारी के प्रबल दावेदार पूर्व सीएम विजय बहुगुणा समर्थक मंत्री हरक सिंह रावत और प्रीतम सिंह भी इस दौरान मौजूद थे।
विज्ञापन
सीएम ने कहा कि पार्टी ने एक निष्ठावान कार्यकर्ता को मौका दिया है। जिन्होंने पार्टी के विभिन्न पदों पर रहते हुए निरंतर काम किया है। बतौर महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और देहरादून की मेयर रहकर जनता की सेवा की है। राज्य निर्माण के आंदोलन में भी इनकी अहम भूमिका रही है। पार्टी में अपने बीच का चिरपरिचित चेहरा है। उनके राज्यसभा सदस्य चुने जाने से प्रदेश के विभिन्न मुद्दों का समाधान होगा।
मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि पार्टी ने आम कार्यकर्ता पर भरोसा जताया है। मनोरमा शर्मा ने पार्टी के लिए लंबा संघर्ष किया है। विभिन्न पदों पर रहते हुए उन्होंने पार्टी सेवा की है जिसका प्रतिफल उन्हें मिला है। बहुगुणा की उम्मीदवारी और अन्य सवालों पर हरक कुछ नहीं बोले।
विज्ञापन
कार्यकर्ताओं के आए हैं अच्छे दिन: किशोर
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा कि मनोरमा शर्मा के नाम पर मुहर लगने से कार्यकर्ताओं के अच्छे दिन आए हैं। मनोरमा शर्मा की उम्मीदवारी के बाद पार्टी में क्रास वोटिंग के सवाल पर प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी एकजुट है।
भाजपा की उम्मीदवारी पर उन्होंने कहा कि देवभूमि की परंपरा के मुताबिक उन्हें आचरण करना चाहिए।
दिग्गजों के बीच अचानक उम्मीदवार बनने वाली मनोरमा शर्मा का कहना है कि दिग्गजों की सहमति से ही उन्हें यह जिम्मेदारी मिली है। उनके सहयोग से ही जीत भी सुनिश्चित होगी। पार्टी में कोई उठापटक या नाराजगी नहीं है। उन्होंने बिना नाम लिए कहा कि आप जिनकी बात कर रहे हैं उनका भी समर्थन है।
मैं रेस में नहीं थी : मनोरमा
मैं पार्टी की एक साधारण कार्यकर्ता हूं। पार्टी ने मुझे यह सम्मान दिया है। मैं रास उम्मीदवारी की रेस में नहीं थी। मैं प्रदेश की विभिन्न समस्याओं के समाधान की दिशा में पूरी निष्ठा से काम करूंगी। -मनोरमा डोबरियाल (राज्य सभा की उम्मीदवार घोषित किए जाने पर)
कैबिनेट पर हाईकमान करेगा फैसला: सीएम राज्यसभा की उम्मीदवारी तय होने के बाद राज्य कैबिनेट में फेरबदल के सवाल पर मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि मेरे पास एक ही उत्तर है कि पार्टी के वरिष्ठ नेता और पार्टी हाईकमान जो फैसला लेंगे, मुझे मंजूर होगा।
हरक सिंह के कैबिनेट में कांग्रेस मंत्रियों की संख्या बढ़ाने के सवाल पर सीएम ने कहा कि पार्टी में लोकतंत्र है कोई भी अपनी बात कह सकता है। इसके लिए पार्टी के फोरम हैं लेकिन अंतिम निर्णय तो पार्टी आलाकमान हो ही लेना है।
नाम: मनोरमा शर्मा जन्म: 6 सितंबर, 1956 पिता: स्व. पंडित टीकाराम डोबरियाल
राजनैतिक जीवन: हिंदी, गढ़वाली के साथ ही नेपाली, गुजराती, मराठी, असमिया, पंजाबी जैसी भाषाओं पर समान अधिकार रखने वालीं मनोरमा शर्मा कांग्रेस के लिए 1972 से काम कर रही हैं। उन्होंने 1979 में मोहसिना किदवई के नेतृत्व में हुए गन्ना आंदोलन में लाठी खाई।
1981 से 1985 के दौरान जिला यूथ कांग्रेस की महासचिव रहीं। 1985 से 1993 तक जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष रहीं। 1994 से 1996 के बीच उत्तराखंड राज्य प्राप्ति आंदोलन में भी सक्रिय हिस्सा लिया। वर्ष 2003 में नगर निगम देहरादून की पहली मेयर चुनी गईं।
निभाई ये जिम्मेदारियां सचिव, आल इंडिया महिला कांग्रेस अध्यक्ष, उत्तराखंड महिला कांग्रेस प्रभारी, हिमाचल प्रदेश महिला कांग्रेस चेयरपरसन, एशियन काउंसिल आफ मेयर्स सदस्य, सेंट्रल एडवाइजरी बोर्ड इन चाइल्ड लेबर चयनित बोर्ड सदस्य, कामनवेल्थ लोकल गवर्नमेंट फोरम, लंदन कन्वीनर, एशियन मेयर्स कांफ्रेंस सदस्य, नेशनल टास्क फोर्स आफ अरबन पोवर्ट एलीवेशन कन्वीनर, आल इंडिया महिला कांग्रेस, पंचायत राज प्रकोष्ठ