उत्तराखंड सरकार इन दिनों होमवर्क कर रही है। 27 दिसबंर को दिल्ली में होने वाली कांग्रेस शासित मुख्यमंत्रियों की बैठक में सरकार को अपना रिपोर्ट कार्ड पेश करना है। सरकार के आलाधिकारी इन दिनों सरकार की उपलब्धियों, विकास योजनाओं की सूची तैयार कर रहे हैं।
आलाकमान के सामने सरकार की कामकाज की बेहतर तस्वीर पेश करने की कोशिश में लगी हुई है। इस रिपोर्ट में आपदा के बाद सरकार ने क्या-क्या किया है, इसे बताया जाना है।
लोकसभा तैयारियों पर भी चर्चा
चार राज्यों में हुई हार के बाद कांग्रेस अपने अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ चिंतन-मंथन के साथ उन योजनाओं पर चर्चा करेगी जिसके सहारे लोकसभा चुनाव में उतरा जाए। जहां कांग्रेस की सकरारें हैं वहां तत्काल कौन से कदम उठाए जाएं ताकि लोकसभा चुनाव में उनका लाभ हो।
सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस केंद्रीय इकाई ने मुख्यमंत्रियों से मंहगाई रोकने के लिए सुझाव भी मांगे हैं। पार्टी ने ऐसे सुझाव भी मांगे गए हैं।
सरकार के लिए अहम है बैठक
सरकार 27 की बैठक को लेकर सतर्क है। प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन की खबरों के बीच बैठक को और भी अहम माना जा रहा है। सरकार केंद्रीय नेतृत्व के सामने कोई भी मौका नहीं देना चाहती है जिससे सरकार की कार्यप्रणाली पर कोई उंगुली उठे।
आपदा के बाद सरकार की ओर से उठाए गए कदमों, जिसमें अन्य राज्यों से जुड़े लोगों के मुआवजे और प्रमाणपत्र शामिल हैं, की जानकारी भी बैठक में दी जाएगी।
पेश होगी ये रिपोर्ट
पुर्नवास और पुनर्निमाण की योजनाओं की प्रगति के साथ सरकार की ओर से दी जा रही रियायतें और सुविधाओं को भी रिपोर्ट कार्ड में शामिल किया जा रहा है।
पार्टी को ये भी बताया जाएगा कि सरकार लोकपाल की तर्ज पर लोकायुक्त का निर्माण करेगी ताकि प्रदेश में मैसेज जाए कि कांग्रेस भ्रष्टाचार के रोकने के लिए कड़े कानून बनाने से पीछे नहीं हटेगी।