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महंगाई के विरोध में कांग्रेस के भारत बंद का मिला-जुला असर, स्कूल-कार्यालय, परिवहन रहे मुक्त

Mon, 10 Sep 2018 01:12 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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देहरादून में भारत बंद - फोटो : amar ujala
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महंगाई के विरोध में सोमवार को कांग्रेस पूरे प्रदेश में बंद कराएगी। कांग्रेस हाईकमान के भारत बंद के आहृवान को सफल बनाने के लिए प्रदेश संगठन ने पूरी ताकत झोंक दी है।

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सोमवार को महंगाई के विरोध में भारत बंद के चलते देहरादून स्थित कांग्रेस भवन में भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। देहरादून में पलटन बाजार बंद रहा। हालांकि कुछ पेट्रोल पंप खुले मिले। दून में स्कूल-कॉलेज खुले रहे। भारत बंद को प्रेमनगर व्यापार मंडल ने समर्थन नहीं दिया। प्रेमनगर में कुछ दुकानें खुली, जबकि कुछ बंद रहीं। यहां हनुमान चौक बाजार में अधिकतर दुकानें खुली रहीं। दर्शनी गेट पर जबरदस्ती दुकान बंद करने को लेकर व्यापारियों और कांग्रेसियों में झगड़ा होगया। दुकानदारों ने कांग्रेस हाय-हाय के लगे नारे लगाए और बाजार खोला। हरिद्वार जिले में भी बंद का असर अपेक्षा से अधिक देखने को मिला।

पेट्रो पदार्थों में बढ़ोत्तरी और महंगाई के विरोध में कांग्रेसियों ने पिथौरागढ़ में बाजार व स्कूल बंद कराए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गरुड़, कौसानी, डंगोली बाजार व्यापारियों के सहयोग से स्कूल-कॉलेज बंद कराए। लोहाघाट में बंद का कोई असर नहीं दिखा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महंगाई को लेकर मोदी सरकार का पुतला फूंककर प्रदर्शन किया। बाजपुर में बाजार बंद कराने के लिए कांग्रेसी कार्यकर्ता एकत्र हुए। भारत बंद नैनीताल में बेअसर रहा। ज्योलीकोट में बंद का कोई असर नहीं दिखाई दिया। 
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हल्द्वानी में बाजार बंद कराने के दौरान व्यापारियों से कांग्रेसियों की झड़प हुई। इस दौरान पुलिस को बीच में आना पड़ा। काशीपुर में भारत बंद का मिलाजुला असर रहा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निगम गेट पर प्रदर्शन किया। रुद्रपुर में बाजार बंद कराने के लिए कांग्रेसी सड़क पर उतरे। रुद्रप्रयाग, कर्णप्रयाग, श्रीनगर में बंद बेअसर रहा। यहां पेट्रोल पंप भी खुले रहे। गौचर में 2 घंटे का सांकेतिक बंद रहा। कोटद्वार में बाजार बंद का व्यापक असर देखने को मिला। नई टिहरी में मंहगाई के विरोध में बंद का मिलाजुला असर रहा। चंबा, नई टिहरी, बीपुरम में कुछ दुकानें बंद रहीं तो कुछ खुली रहीं। नरेंद्रनगर, घनसाली और लंबगावं में सभी दुकानें बंद रहीं। यहां कांग्रेसियों ने बाजार में प्रदर्शन किया।

कांग्रेस ने भारत बंद के समर्थन में विकासनगर बाजार बंद कराया। साहिया और चकराता में भी बाजार बंद हुआ। सेलाकुई, सहसपुर और हरबर्टपुर में बाजार खुले रहे। 

पार्टी के सभी जिलाध्यक्षों को बंद की सफलता सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदारी सौंपी गई है। कांग्रेस का जोर बाजार बंद कराने पर रहेगा। स्कूल-कॉलेज, कार्यालय और परिवहन की व्यवस्था को बंद से मुक्त रखा गया है। सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक पेट्रोल पंप भी बंद रहेंगे। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के लिए शहर को चार जोनों में बांटा है। इस दौरान पीएसी और दंगा नियंत्रक वाहन भी तैनात रहेंगे। पार्टी ने साफ किया है कि वह शांतिपूर्ण तरीके से बंद कराएगी। पार्टी ने जो रणनीति तैयार की है, उसमें दून में प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह और हल्द्वानी में नेता प्रतिपक्ष डॉ.इंदिरा हृदयेश के हाथ में बंद का नेतृत्व रहेगा।

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250 दुपहिया सवार रखेंगे बंद पर नजर

bharat bandh
कांग्रेस ने देहरादून में 250 दुपहिया वाहनों की व्यवस्था की है, जिसमें सवार होकर पार्टी कार्यकर्ता पूरे शहर पर नजर रखेंगे। तय कार्यक्रम के अनुसार, सुबह आठ बजे कांग्रेस भवन में सभी कार्यकर्ता इकट्ठा होंगे। इसके बाद, दुपहियों में सवार होकर सभी घंटाघर आदि क्षेत्र में जाएंगे और व्यापारियों से दुकान बंद रखने की अपील करेंगे। इसके बाद, सभी कांग्रेस भवन वापस आ जाएंगे। एनएसयूआई और युवक कांग्रेस कार्यकर्ताओं की टोली दुपहिया वाहनों पर सवार होकर पूरे शहर में बंद कराएंगे। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने भी दुपहिया वाहन पर ही सवार होकर बंद के लिए लोगों से अपील करने का निर्णय लिया है।

घंटाघर होगा कांग्रेस का कंट्रोल रूम
कांग्रेस ने घंटाघर में अस्थायी तौर पर कंट्रोल रूप की व्यवस्था की है। इस जगह पर कांग्रेस के चार वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे और पूरे शहर की जानकारी लेते रहेंगे। जिन चार नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है। उसमें अशोक वर्मा, प्रमोद कुमार सिंह, डॉ.विजेंद्र सिंह और अर्जुन सोनकर है।

एक दर्जन से ज्यादा संगठन पक्ष में
कांग्रेस ने दावा किया है कि राजधानी में एक दर्जन से ज्यादा संगठनों ने भारत बंद को समर्थन देने का एलान किया है। कांग्रेस के दून महानगर जिलाध्यक्ष लाल चंद्र शर्मा के अनुसार, सियासी दलों के अलावा, कई संगठन समर्थन में आगे आए हैं। इनमें पेट्रोल पंप एसोसिएशन, बार एसोसिएशन, राजपुर रोड व्यापार संघ, मोती बाजार व्यापार संघ, झंडा मुहल्ला व्यापार संघ, तिलक रोड व्यापार संघ, सैयद मुहल्ला व्यापार संघ, राजेंद्र नगर व्यापार संघ, दून डिस्ट्रिब्यूटर्स एसोसिएशन, दून वैली व्यापार संघ आदि प्रमुख रूप से शामिल हैं। शर्मा के अनुसार, उन्होंने, पूर्व विधायक राज कुमार, प्रदेश सचिव दीप वोहरा ने रविवार को कई क्षेत्रों में जाकर व्यापारियों से बंद के संदर्भ में समर्थन मांगा।

‘करो या मरो’ जैसी है दलों की चुनौती
भारत बंद को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए ‘करो या मरो’ जैसी स्थिति बन गई है। उत्तराखंड में मजबूत विपक्ष के तौर पर दिखाई देने के लिए कांग्रेस इस कार्यक्रम को हर हाल में सफल करना चाहती है। दूसरी तरफ, राज्य की सत्ता में काबिज भाजपा के सामने महंगाई पर बंद की सफलता से कई सवाल खडे़ हो जाएंगे। भाजपा पर इस बात का भी दबाव है कि व्यापारिक संगठनों में उसका ज्यादा दबदबा माना जाता है।

इन स्थितियों के बीच, व्यापारी संगठनों के लिए असमंजस की स्थिति बन गई है। वह भारत बंद के केंद्र में हैं, क्योंकि बाजार बंद की स्थिति से ही पूरे कार्यक्रम की सफलता या असफलता का निर्धारण होना है। सूत्रों के अनुसार, भाजपा के पक्षधर माने जाने वाले कई व्यापारियों ने अंदरखाने बंद की सफलता का भरोसा दिलाया है, लेकिन वह औपचारिक तौर पर सामने नहीं आ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, भाजपा की तरफ से भी व्यापारियों से संपर्क किया गया है कि वह बंद में सहयोग न करें। दूसरी तरफ, कांग्रेस का हर छोटा-बड़ा नेता रविवार को गली मुहल्लों में खूब घूमा और बंद के लिए सहयोग मांगा। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने भी कई व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों से वार्ता की। उन्होंने बताया कि सपा और सीपीआई जैसे सियासी दलों ने भी बंद को समर्थन देने का एलान किया है।
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