टिहरी और धनोल्टी सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवार उतारने से पूर्व सरकार में कैबिनेट मंत्री दिनेश धनै और प्रीतम पंवार को दो टूक कह दिया गया है कि ‘पंजे से लड़ो या फिर पंजा लड़ाओ’।
उनके सामने अकेला विकल्प है कि मंगलवार की दोपहर तक यह स्पष्ट कर दें कि वे कांग्रेस की टिकट से चुनाव लड़ेंगे या नहीं। इंकार की स्थिति में कांग्रेस मंगलवार शाम तक अपने उम्मीदवारों का एलान कर सकती है।
गौरतलब है कि पीडीएफ सरकार पर यह दबाव बनाने की कोशिश करता आया है कि उसके विधायकों की सीटों पर कांग्रेस उम्मीदवार न खड़ा करे। कई मौकों पर पीडीएफ ने सीएम से यह मांग उठाई। मगर पीडीएफ के अध्यक्ष मंत्री प्रसाद नैथानी के कांग्रेस का हो जाने के बाद उनकी ये मांग बेहद कमजोर पड़ गई।
नैथानी और दुर्गापाल बने कांग्रेस के उम्मीद
मंत्री प्रसाद नैथानी
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कांग्रेस के तेवर तल्ख हैं और उसने पीडीएफ को साफतौर पर पार्टी के टिकट पर उतरने को कह दिया है। सरकार को समर्थन देकर पीडीएफ कोटे से मंत्री बने मंत्री प्रसाद नैथानी देवप्रयाग से और हरीश चंद्र दुर्गापाल लालकुआं से कांग्रेस के उम्मीदवार घोषित किए जा चुके हैं।
इन दोनों मंत्रियों को अपने पाले में लाने के बाद कांग्रेस ने दिनेश धनै और प्रीतम पंवार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। ये दोनों मंत्री निर्दलीय ताल ठोकने की तैयारी में हैं।
इस चक्कर में टिहरी और धनोल्टी सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा अटकी हुई है। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक दोनों नेताओं को संकेत दिया गया है कि वे अपनी स्थिति को हर हाल में मंगलवार दोपहर तक स्पष्ट करें। यदि सहमति नहीं बनती है तो फिर कांग्रेस इन दोनों ही सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी।
कांग्रेस ने बना रखा है प्लान बी
दिनेश धनै
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वैसे पार्टी के रणनीतिकारों की मानें तो दोनों कांग्रेस के सिंबल से चुनाव लड़ने पर हामी भर सकते हैं। गौरतलब है कि 27 को नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि है। 26 की छुट्टी के बाद अब केवल दो दिन का ही मौका है।
पार्टी का प्लान बी
धनोल्टी और टिहरी सीट पर पार्टी ने प्लान बी भी तैयार किया है। धनोल्टी से पूर्व प्रत्याशी मनमोहन सिंह मल और जोत सिंह बिष्ट कांग्रेस के टिकट का दावा कर रहे हैं। प्रीतम नहीं मानें तो पार्टी दोनों में से किसी एक को उम्मीदवार बना सकती है। टिहरी सीट पर भी पार्टी ने मोहरे तैयार कर लिए हैं।