उपनल के माध्यम से आउटसोर्सिंग पर होने वाली भर्तियों पर विधानसभा सदन में विपक्ष के खोले मोर्चे पर कांग्रेसी विधायक भी साथ खड़े हो गए। आउटसोर्सिंग पर तैनात 111 कर्मियों को निकालने का मुद्दा भाजपा विधायक सुरेंद्र जीना ने उठाया तो सभी सदस्य एक साथ हो गए।
नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने सरकार को कटघरे में खड़ा किया तो कांग्रेस विधायक नवप्रभात ने निगम की नियुक्ति प्रक्रिया पर ही सवाल खड़ा कर दिया। विपक्ष निकाले गए कर्मियों को जल्द रखने की कट ऑफ डेट के लिए अड़ा रहा।
नवप्रभात बोले की उपनल में नियुक्ति प्रक्रिया का हमें पता नहीं चलता। उन्होंने सरकार से 18 हजार नियुक्तियों का अध्ययन करवाने की मांग रखी।
शैलेंद्र मोहन सिंघल ने कहा कि हमारी विधानसभा से एक भी व्यक्ति को रोजगार नहीं मिला जिसपर सारा सदन एक मत हो गया। सीएम हरीश रावत ने आश्वस्त किया कि उपनल के अधिकारियों को बुलाकर सारी व्यवस्था दुरुस्त करूंगा, भविष्य में पारदर्शी प्रणाली से भर्तियों की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।