सर यह सीपीयू क्या होता है? अच्छा वही जिससे गाने बजते हैं? यह सवाल जूनियर हाईस्कूल की एक छात्रा ने किया। करे भी क्यों नहीं, बच्चों ने अभी तक कंप्यूटर शिक्षा तो दूर कंप्यूटर के दर्शन तक नहीं किए। शिक्षा विभाग सरकारी विद्यालयों में निजी स्कूलों की तर्ज पर आधुनिक शिक्षा मुहैया कराने के दावे तो कर रहा है, मगर जमीनी हकीकत कुछ और ही है।
कोटद्वार शहर से मात्र सात किलोमीटर की दूरी पर राजकीय जूनियर हाईस्कूल सत्तीचौड़ में सोमवार को ‘अमर उजाला’ की टीम पहुंची। वहां शिक्षकों से जानकारी ली तो पता चला कि शिक्षा विभाग आधुनिक शिक्षा के नाम पर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ ही कर रहा है।
कंप्यूटर तो हैं पर डिब्बों में
सुबह 11 बजे अमर उजाला की टीम स्कूल में पहुंचीं। वहां प्रधानाध्यापक मौजूद नहीं थी। शिक्षकाें से पूछा तो पता चला वे विभागीय कार्य से बाहर गई हैं। एक महिला शिक्षक से आधुनिक शिक्षा के बारे में पूछा गया तो पहले वे सकपका गईं, फिर बोलीं कंप्यूटर तो दो सालों से डिब्बों में बंद हैं। ऐसे मेें बच्चों को आधुनिक शिक्षा कैसे दे पाएंगे।
बिजली है नहीं कैसे चलेगा कंप्यूटर
स्कूल के अन्य शिक्षक भी पहुंचे तो एक ने बताया कि कंप्यूटर कहां से चलेेंगे यहां तो जब से स्कूल बना है तब से बिजली नहीं है। विभाग ने दो साल पहले कंप्यूटर तो भिजवा दिए, मगर उनको चलाने के लिए बिजली की व्यवस्था नहीं की। किताबों से जितना बन पा रहा है वही बता रहे हैं, प्रैक्टिकल के नाम पर कुछ नहीं है।
बच्चों को नहीं मालूम सीपीयू है क्या बला
कक्षा आठ में छात्रों से कंप्यूटर शिक्षा के बारे में पूछा तो वे जवाब देने में हिचकिचा रहे थे। एक छात्रा से पूछा कि की-बोर्ड क्या होता है तो वह सिर खुजलाने लगी, बोली नहीं मालूम। एक छात्र से पूछा सीपीयू क्या होता है। वह बोला सर यह सीपीयू क्या होता है, अच्छा वही जिसमें गाने बजते हैं। यह सुनकर सभी दंग रह गए।
बिजली कनेक्शन के लिए धन नहीं
प्रधानाध्यापक संतोष भंडारी से फोन पर संपर्क किया गया तो वे बोलीं लगभग दो साल पहले विभाग ने कंप्यूटर भिजवाए थे। तब विभाग को बिजली कनेक्शन के लिए लिखा गया था। आज तक ना तो विद्यालय में कनेक्शन की व्यवस्था की गई और ना ही अन्य विद्यालयों की भांति धन उपलब्ध कराया गया। ऐसे में बिन बिजली कंप्यूटर शिक्षा कैसे दे पाएंगे।
अधिकारी बोले
हाइकोर्ट के आदेशों के अनुसार जूनियर हाईस्कूलों में बिजली व्यवस्था अनिवार्य है। विद्यालय में दो वर्षों से बिजली कनेक्शन नहीं होने का मामला गंभीर है। इसकी जांच कराकर शीघ्र विद्यालय में बिजली कनेक्शन लगवाया जाएगा।
-हरेराम यादव, जिला शिक्षाधिकारी (माध्यमिक) पौड़ी
हाल-ए-जूनियर हाईस्कूल सत्तीचौड़
कोटद्वार। राजकीय जूनियर हाईस्कूल सत्तीचौड़ में आधुनिक शिक्षा के नाम पर दो वर्षों से कंप्यूटर डिब्बों में बंद रहने पर छात्रों ने प्रतिक्रिया में कहा कि वे आठवीं से दसवीं में पहुंच गए, मगर उन्हें अभी तक स्कूल में कंप्यूटर के दर्शन नहीं हुए।