आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद, उत्तराखंड ने विकासनगर तहसील का निरीक्षण किया। उन्होंने राजस्व अभिलेखागार में राजस्व और भू अभिलेखों की जांच की। उन्होंने एसडीएम से राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली (आसीएमएस) पोर्टल पर वाद और सूचनाएं अपडेट हो रहे हैं या नहीं, इसकी जानकारी ली। वहीं, पुराने वाद को समय से निस्तारित करने और विभिन्न देयों से शत-प्रतिशत वसूली के लिए भी निर्देश दिए।
बुधवार सुबह आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद, उत्तराखंड चंद्रेश यादव विकासनगर तहसील में पहुंचे। विभाग के सबसे आला अधिकारी के निरीक्षण की खबर लगते ही अधिकारियों और कर्मचारियों में अफरा तफरी मची रही। सचिव ने सबसे पहले राजस्व अभिलेखागार का निरीक्षण किया। उन्होंने एसडीएम विनोद कुमार से मुख्य और विभिन्न देयों से की वसूली की कार्य प्रगति की जानकारी ली। कहा कि शत-प्रतिशत वसूली के अभियान चलाया जाए।
उन्होंने राजस्व न्यायालयों में लंबित चल रहे वादों की जानकारी ली। उन्होंने एसडीएम से कहा कि तीन वर्ष से अधिक पुराने वादों को जल्द से जल्द निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने राजस्व और भू-अभिलेख से बारीकी से जांच की।
आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद ने तहसीलदार और एसडीएम कोर्ट में राजस्व वादों के निस्तारण की प्रकिया देखी। प्रमाण पत्रों के रिकार्ड की जांच भी की। कर्मचारियों की सर्विस पुस्तिका में दर्ज विवरण को देखा। आरसीएमएस के अनुभाग, संग्रह कार्यालय और एसडीएम कार्यालय का भी निरीक्षण किया।
डाक रजिस्टर, गार्ड फाइल, पत्रावालियों की गहनता से जांच की। आयुक्त व सचिव चंद्रेश यादव ने आसीएमएस पोर्टल पर राजस्व वादों और सूचनाओं को अपडेट करने की कार्य प्रगति की जानकारी मांगी। एसडीएम से कहा कि पोर्टल पर राजस्व वादों की तारीखों, न्यायालय की ओर से पारित आदेशों और न्यायालय में की गयी कार्यवाही को वादकारियों, अधिवक्ताओं व आम जनता को समय से उपलब्ध करवाना परिषद की प्राथमिकता है। उसके बाद आयुक्त ने विकासनगर, हरबर्टपुर, सहसपुर और सेलाकुई क्षेत्र का निरीक्षण भी किया।
इस दौरान राजस्व परिषद के उप सचिव आनंद श्रीवास्ताव, उप राजस्व आयुक्त मीनाक्षी पटवाल, तहसीलदार विवेक राजौरी, नायब तहसीलदार ग्यारूदत्त जोशी आदि उपस्थित रहे।