आयकरदाताओं के लिए आमतौर पर मुसीबत बने रहने वाले आयकर नोटिस अब केवल डिजिटल फॉर्मेट यानी ई-मेल के माध्यम से ही जाएंगे। कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि 30 नवंबर के बाद अगर कोई भी आयकर अधिकारी नोटिस भेजे तो उसे फाड़कर फेंक दें। दरअसल, ई-नोटिस के लिए पूरी प्रक्रिया अपनानी पड़ती है। ई-नोटिस आने के बाद आयकर का कोई भी अधिकारी अपनी मनमानी से किसी को नोटिस नहीं भेज पाएगा।
ईमानदारी से सामने आएं आयकरदाता
कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि जिस देश में पिछले चार साल में दो करोड़ लोग विदेश गए, 2.5 करोड़ लोगों ने गाड़ी खरीदीं, वहां केवल 2000 लोग ही ऐसे हैं, जो एक करोड़ से ऊपर रिटर्न फाइल करते हैं। आज भी नोन कारपोरेट में 10 लाख या इससे ऊपर की रिटर्न फाइल करने वाले केवल 50 लाख लोग हैं। 130 करोड़ की आबादी में केवल 8.45 करोड़ लोग ही टैक्स देते हैं। लिहाजा, यह संख्या बेहद कम है। इसे बढ़ाने के लिए उन्होंने सभी से ईमानदारी से आयकर जमा कराने की अपील की।