अगर हिंदी प्रिय होने के नाते आप टेलीफोन शब्द से परहेज करते हैं तो अब आपको ऐसा नहीं करना पड़ेगा।
वैज्ञानिक एवं तकनीकी शब्दावली आयोग ने इसे हिंदी शब्दों में शामिल करते हुए भाषा को सरल बनाने के लिए इसके प्रयोग की हिमायत की है। दूरदर्शन के बारे में भी उसका यही नजरिया है। उसके मुताबिक इसे टेलीविजन कहा जाना चाहिए।
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इंजीनियरिंग को पहले अभियांत्रिकी कहा जा रहा था, लेकिन आयोग ने इसे इंजीनियरिंग रखा है और इंजीनियर को बजाय अभियंता के इंजीनियर ही। एक अप्रैल, सन् 1960 में गठित हुए वैज्ञानिक एवं तकनीकी शब्दावली आयोग ने बीते 53 साल में इस शब्दावली में साढ़े आठ लाख से ज्यादा शब्द जोड़े हैं।
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आयोग में रह चुके साहित्यकार डा. दिनेश चमोला के अनुसार आयोग ने अलग-अलग विषयों पर आधारित शब्दावली तैयार की हैं, मसलन-सूचना प्रौद्योगिकी, प्रशासनिक आदि।
समस्याएं ऐसी भी
आयोग के सामने कई शब्दों को लेकर समस्या भी है। एक ही शब्द विषय के आधार पर बदल जाता है। जैसे सेक्शन का उदाहरण लें। इसका शाब्दिक अर्थ अनुभाग होता है, तो विधि के छात्र सेक्शन को धारा के तौर पर पढ़ते हैं। इसी तरह एक शब्द फॉरमेशन है। इसका अर्थ जमना कहा जाता है, लेकिन जियोलाजी में इसे शैल समूह के नाम से पुकारा जाता है।
शब्दावली ऑनलाइन
आयोग ने शब्दावली ऑनलाइन की है। जानकारों का कहना है कि राज्य सरकारों को केंद्र के निर्देश पर अमल करना चाहिए।
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