रक्त की कमी दूर करने के लिए विश्व रक्तदान दिवस पर अमर उजाला फाउंडेशन, श्री महंत इंदिरेश अस्पताल और दून अस्पताल की ओर से आज तीन जगहों पर शिविर आयोजित किए जाएंगे। श्री महंत इंदिरेश अस्पताल, दून अस्पताल और मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी में लोग स्वैच्छिक रक्तदान कर जरूरतमंदों की जान बचाने में अपना योगदान दे सकते हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, देश में हर छह मिनट में एक मरीज की मौत खून की कमी से होती है। ऐसे में खून की कमी से किसी की जिंदगी का सफर खत्म न होने पाए, इसके लिए हर स्वस्थ व्यक्ति को रक्तदान करना चाहिए। इसके लिए अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से भी अनूठी पहल की गई है। विश्व रक्तदान दिवस पर आज तीन जगह स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है।
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना के मुताबिक, किसी भी स्वस्थ व्यक्ति के एक यूनिट रक्तदान करने से चार मरीजों की जिंदगी बचाई जा सकती है। एक यूनिट रक्त से चार कंपोनेंट्स अलग किए जाते हैं, जो चार मरीजों की जिंदगी बचाने में इस्तेमाल किए जाते हैं। ऐसे में हर स्वस्थ व्यक्ति को रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए
रक्तदान के लिए आगे आएं युवा : डीएम
डीएम डॉ. आर राजेश कुमार ने अपील की है कि विश्व रक्तदान दिवस पर अधिक से अधिक युवा रक्तदान के लिए आगे आएं ताकि अस्पतालों में रक्त की कमी को पूरा करने के साथ ही गंभीर मरीजों की जिंदगी बचाई जा सके। पेशे से डॉक्टर रहे डीएम का कहना है कि रक्तदान को लेकर समाज में तमाम भ्रांतियां हैं। इन भ्रांतियों को दरकिनार कर युवा पीढ़ी को मतदान के लिए आगे आना चाहिए।