वर्ष 2003 में कश्मीर में तैनाती पर 7 आतंकवादियों को मौत के घाट उतारने वाले कर्नल अजय कोठियाल भारतीय सेना को मजबूत करने की जिम्मेदारी भी उठा रहे हैं। यूथ फाउंडेशन की स्थापना कर वे युवाओं को सेना में भर्ती होने के गुर सिखा रहे है।
वर्ष 1992 में कमीशन प्राप्त कर भारतीय सेना में शामिल हुए कर्नल अजय कोठियाल ने 25 वर्ष की सेवा में कई मुकाम हासिल किए हैं। वे कुशल पर्वतारोही होने के साथ ही निर्भिक जवान भी माने जाते हैं। केदारनाथ पुनर्निर्माण उनके शौर्य, पराक्रम, समर्पण, निर्भिकता और कार्य कौशल का परिचय दे रहा है।
18 मार्च 2014 से केदारनाथ को सुरक्षित, मजबूत और संवारने का जो काम कर्नल और उनकी टीम ने किया है, वह किसी से छुपा नहीं है। मजदूरों के साथ स्वयं फावड़ा उठाकर उन्होंने हर कार्य में भरपूर साथ दिया। इसके अलावा वर्ष 2015 में यूथ फाउंडेशन की स्थापना कर स्वयं के खर्चे से कर्नल कोठियाल युवाओं को सेना में भर्ती के लिए तैयार कर रहे हैं।
बीते दो वर्षों में फाउंडेशन के अगस्त्यमुनि, श्रीनगर सहित अन्य क्षेत्रों में संचालित शिविरों से 2 हजार से अधिक युवा सेना में भर्ती हो चुके हैं, जिसमें अगस्त्यमुनि शिविर के 385 युवा भीा शामिल हैं। इसके अलावा जरूरतमंदों की मदद में भी कर्नल आगे हैं।