अधिकतम तापमान दस से ग्यारह डिग्री सेल्सियस कम रहने के कारण हाड़ कंपा देने वाली सर्दी ने बेहाल कर दिया। सूर्यदेव के दर्शन भी एक सप्ताह के दौरान महज दो ही दिन हुए। कोहरे ने सर्दी और अधिक बढ़ा दी।
वर्ष 2001 से 2018 तक दिसंबर में बदरा भी झूम के नहीं बरसे। 13 दिसंबर 2019 को 46.4 मिली मीटर बारिश हुई। बारिश के साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों में हुई बर्फबारी ने ठंड बढ़ा दी। दिसंबर के दूसरे सप्ताह में बारिश भी 19 वर्षों बाद हुई।