रुद्रप्रयाग में, शाम साढ़े पांच बजे से जनपद में तेज बारिश के साथ कई जगहों पर ओलावृष्टि हुई है। केदारनाथ में भी बारिश से ठंड बढ़ गई है। यहां घना कोहरा छाया हुआ है। बृहस्पतिवार को दोपहर बाद आसमान में बादल छाने लगे थे।
साढ़े पांच बजे के बाद बादलों की तेज गर्जना और अंधड़ के साथ तेज बारिश शुरू हो गई। इस दौरान क्यूंजा घाटी सहित जनपद के अन्य क्षेत्रों में भी ओलावृष्टि हुई है, जिससे धान, मंडुवा, झंगोरा सहित साग-भाजी और फलदार पेड़ों को नुकसान पहुंचा है।
विभाग की मानें तो, मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलेगा। मौसम विभाग ने 22 से 25 सितंबर तक भारी से भारी बारिश की संभावना जताई है। विभाग ने बता दिया है कि मानसून कब विदा लेगा। मानसून 28 सितंबर तक प्रदेश से विदा हो सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह बताते हैं कि इस बार मानसनू पिछले साल की तुलना में दस दिन पूर्व विदा हो सकता है।
मानसून सीजन निबटने के बाद चार धाम यात्रा एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। आजकल बड़ी संख्या में तीर्थयात्री यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम पहुंच रहे हैं। जिससे यात्रा कारोबारियों के चेहरे खिले हुए हैं। हालांकि यमुनोत्री धाम में आपदा के बाद हालात जस के तस बने होने के कारण यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बीते जून माह में मानसून की बरसात का सिलसिला शुरू होने के साथ ही चार धाम यात्रा धीमी पड़ गई थी। बरसात में जगह-जगह भूस्खलन से यमुनोत्री एवं गंगोत्री हाईवे अवरुद्ध होने के कारण टूर ऑपरेटर्स ने तीर्थयात्रियों को इस ओर लाना बंद कर दिया था।
अब मानसून सीजन बीतने के बाद खिली धूप में मौसम खुशगवार हो गया है। यात्रा मार्ग सुरक्षित यातायात के लिए तैयार हैं। यमुनोत्री हाईवे के लिए नासूर बने ओजरी डबरकोट में भी भूस्खलन का सिलसिला थमा होने से यहां वाहनों की आवाजाही सुचारू है। जिसके चलते एक बार फिर चार धाम यात्रा गति पकड़ने लगी है। यहां पहुंच रहे तीर्थयात्रियों को धामों में गुनगुनी ठंड वाला मौसम खूब भा रहा है।