अचार संहिता लागू होने के बावजूद घोषणाएं करने पर मुख्यमंत्री हरीश रावत को निर्वाचन आयोग ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
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उधर, रुड़की में भी मुख्यमंत्री हरीश रावत के देर रात तक जनसभाओं को संबोधित करने पर भाजपा ने चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया है।
निशंक ने की कार्रवाई की मांग
पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा लोकसभा प्रत्याशी डा. रमेश पोखरियाल निशंक ने भी मुख्यमंत्री रावत पर अपने पद के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग से कार्रवाई की अपील की है।
निर्वाचन अधिकारी ने भेजा नोटिस
जोशीमठ में दो अप्रैल को चुनाव-प्रचार के दौरान जोशीमठ में कैंप कर मुआवजा बांटने वाला बयान मुख्यमंत्री हरीश रावत को भारी पड़ गया।
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शनिवार को जिला निर्वाचन अधिकारी ने इसे आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस भेजा है।
वीडियोग्राफी में हुई पुष्टि
उप निर्वाचन अधिकारी/एसडीएम सदर अवधेश कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री के जोशीमठ कार्यक्रम की वीडियोग्राफी में भी सीएम की ओर से घोषणा करने की पुष्टि हुई है।
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इस मामले का संज्ञान लेते हुए निर्वाचन कार्यालय ने मुख्यमंत्री हरीश रावत को स्पष्टीकरण देने का नोटिस भेज दिया है। कहा गया कि नोटिस का जवाब न मिलने की दशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
क्या कहा था मुख्यमंत्री ने
ऐसे आपदा प्रभावित परिवार, जिन्हें अभी तक मुआवजा नहीं मिला है, उन्हें मई माह में वे स्वयं जोशीमठ में कैंप कर मुआवजा बांटेंगे।