आदर्श चुनाव आचार संहिता का ज्ञान लगभग हर राजनीतिक दल के लोगों को है, लेकिन कानून तोड़ने के मामले में कोई भी दल दूध का धुला नहीं है।
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समीक्षा के दौरान पाया गया कि अभी तक आचार संहिता तोड़ने में सबसे आगे भाजपा है। दूसरे नंबर पर कांग्रेस है। मुख्यमंत्री हरीश रावत भी आचार संहिता तोड़ने के फेर में फंस गए थे।
बगैर अनुमति पदयात्रा करने पर जिला प्रशासन मुख्यमंत्री को भी चेतावनी नोटिस जारी कर चुका है।
लोकसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद सबसे पहले 18 मार्च को रिटर्निंग ऑफिसर ने भाजपा प्रत्याशी भगत सिंह कोश्यारी के समर्थकों को 14 वाहनों के काफिले के साथ पकड़ लिया था।
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जिसके लिए उन्हें चेतावनी नोटिस जारी किया गया था। फिर भी भाजपा द्वारा लगातार दो दिनों तक आचार संहिता का उल्लंघन का मामला रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष आया।
सहायक निर्वाचन अधिकारी आरडी पालीवाल का कहना है कि एक काफिले में 10 से अधिक वाहनों के चलने की अनुमति नहीं है।
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अभी तक बिना अनुमति पोस्टर लगाने, रैली निकालने समेत भाजपा की 16 गड़बड़ियां रिटर्निंग ऑफिसर के प्रकाश में आई हैं।
वहीं, कांग्रेस पर बगैर अनुमति पदयात्रा करने, सरकारी खंभे पर होर्डिंग्स लगाने समेत पांच शिकायतें जांच के दौरान मिलीं हैं।
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सबसे अधिक कायदे कानून पर चलने का दंभ भरने वाली आम आदमी पार्टी पर भी तीन बार आचार संहिता तोड़ने की शिकायत हुई है।
इतनी ही संख्या में शिकायतें बसपा पर हैं। वहीं समाजवादी पार्टी और शिवसेना पर आचार संहिता तोड़ने की दो-दो और पीस पार्टी पर एक शिकायत दर्ज की गई है।