मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि जो कौमें जिंदा दिल होती हैं, वे हालात बदल देती हैं। ऐसा ही केदारघाटी के लोगों ने भी किया है। संघर्ष के साथ कमर कसते हुए आपदा प्रभावितों ने आगे बढ़ने का काम किया है, जो उत्साहित करने के साथ प्रेरणादायी भी है।
उन्होंने राज्य के विकास के लिए सबको एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया। मंदाकिनी शरदोत्सव एवं कृषि औद्योगिक विकास मेले के आयोजन के लिए मुख्यमंत्री ने पांच लाख रुपये देने की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री ने खेती को बढ़ावा देने के लिए भी लोगों से खेती की ओर लौटने का अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन माह में सभी स्कूलों में रिक्त पदों को भर दिया जाएगा। डॉक्टर की कमी को देखते हुए फार्मासिस्टों को छह माह का एडवांस ट्रेनिंग देकर तैनाती दी जाएगी।
मुख्यमंत्री इस मौके पर सरकार की उपलब्धियां गिनाना भी नहीं भूले। कहा टनल के माध्यम से सड़क नेटवर्क को बेहतर किया जाएगा। महिला समूहों को स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और दुग्ध उत्पादन को प्रति लीटर चार रुपये बोनस देने की बात भी कही। कहा कि पौधारोपण के लिए भी बोनस दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने आशा और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के लिए भी सरकार के प्रयासों की जानकारी दी। सीएम ने लोगों की समस्याएं भी सुनीं।