राजधानी देहरादून में मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने ड्यूटी के दौरान शहीद हुए पुलिसकर्मियों की शहादत को पुलिस स्मृति दिवस पर याद कर श्रद्घांजलि दी।
इस साल उत्तराखंड के 25 पुलिसकर्मी ड्यूटी निभाते हुए शहीद हुए। पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने परेड की सलामी ली। दो मिनट का मौन रखने के बाद शहीद स्मारक पर मुख्यमंत्री समेत जनप्रतिनिधियों और पुलिस अधिकारियों ने पुष्पचक्र अर्पित किए।
उत्तराखंड देवभूमि और वीरभूमि
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा करने में पुलिसकर्मियों को महत्वपूर्ण योगदान है। उत्तराखंड देवभूमि और वीरभूमि है। इसमें कटुता का भाव नहीं है। हम हिमालय से प्रेरणा लेते हैं। आपदा में पुलिसकर्मियों ने साहसिक कार्य किए। आपदापीड़ितों को राहत पहुंचाने के अलावा शवों का विधिवत दाह संस्कार भी किया गया। यहां तक कि एक अधिकारी ने मंत्र पढ़कर संवेदनशीलता का परिचय दिया।
पुरानी घोषणाएं ही दोहराई
उन्होंने कहा कि पुलिस सुधार और आधुनिकिकरण के लिए जो भी प्रस्ताव डीजीपी द्वारा समय-समय पर उन्हें भेजे जाते हैं उन पर वे 24 घंटे के भीतर निर्णय लेते हैं। हालांकि मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों के लिए कोई नई सौगात नहीं दी। जिसकी पुलिसकर्मियों को उम्मीद थी। मुख्यमंत्री ने पुरानी घोषणाएं ही दोहराई। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य, हरक सिंह रावत, सांसद तरुण विजय, सांसद माला राजलक्ष्मी शाह, विधायक गणेश जोशी, उमेश शर्मा काऊ, डीजीपी बीएस सिद्घु, डीआईजी अमित सिन्हा, डीएम बीवीआरसी पुरुषोत्तम, एसएसपी केवल खुराना समेत पुलिस के कई अधिकारी मौजूद थे।