राजधानी देहरादून में माध्यमिक शिक्षक संघ के कार्यक्रम में बोलते हुए मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने शिक्षकों को आईना दिखा दिया।
उन्होंने साफगोई से शिक्षकों से कहा कि आपकी मांगें उचित हो सकती हैं लेकिन आप लोगों को पढ़ाने पर भी ध्यान देना चाहिए। आपके पढ़ाए बच्चे किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में असहाय नजर आते हैं।
प्रशिक्षित करने की जरूरत
शुक्रवार को हिंदू नेशनल इंटर कालेज में उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षक संघ के दो दिवसीय प्रांतीय अधिवेशन का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे बदलावों और अनुसंधानों पर शिक्षकों को ध्यान देना होगा। इसके लिए उन्हें प्रशिक्षित करने की जरूरत है।
शिक्षकों को शिक्षा की गुणवत्ता पर भी ध्यान देना होगा। सीएम ने कहा कि सरकार शिक्षकों को अधिक से अधिक सुविधाएं देने के लिए प्रयासरत है। इसी तरह शिक्षकों को भी शिक्षण कार्य पर अधिक ध्यान देना चाहिए।
तबादलों में पारदर्शिता
कृषिमंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि शिक्षा जनता का अधिकार है। अशासकीय और शासकीय विद्यालयों की शिक्षा के प्रसार में अहम भूमिका है।
शिक्षामंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने कहा कि शिक्षकों की जायज मांगों पर सरकार ने सकारात्मक निर्णय लिए हैं। शिक्षकों के तबादलों में पारदर्शिता बरती गई है।
अधिवेशन में शिक्षकों ने मुख्यमंत्री को लंबित मांगों से अवगत कराया। कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष जयप्रकाश बहुगुणा, मनोज जोशी, प्रेम सिंह सजवाण, प्रकाश चंद जोशी, धनंजय उनियाल आदि मौजूद थे।