उत्तरकाशी जिले को ओबीसी घोषित करने का क्रेडिट लेने पहुंचे उत्तराखंड के सीएम विजय बहुगुणा को छात्रों, व्यापारियों, जनसंगठनों और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का विरोध झेलना पड़ा।
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के नाराजगी के चलते हालत इतनी खराब हो गई कि वापसी में मुख्यमंत्री उनके पुत्र साकेत बहुगुणा तथा आपदा प्रबंधन मंत्री यशपाल आर्य को वाहन छोड़ बैरंग लौटना पड़ा। इसके बाद भी आक्रोशित कार्यकत्रियों ने तांबाखानी सुरंग तक सीएम के काफिले का पीछा किया।
व्यापारियों ने बाजार बंद रखा
मुख्यमंत्री के उत्तरकाशी पहुंचने से पहले ही पुलिस प्रशासन को विभिन्न मुद्दों पर लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा। शुक्रवार को महाविद्यालय के छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में व्यापारियों ने बाजार बंद रखा। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं व्यापारियों में तीखी झड़पें हुईं थी।
मुख्यमंत्री की सभा के दौरान प्रदर्शन
महाविद्यालय की समस्याओं तथा लाठीचार्ज से आक्रोशित छात्रों ने मुख्यमंत्री की सभा के दौरान विरोध कर प्रदर्शन किया। सभा पंडाल के बाहर अपनी मांगों के लिए प्रदर्शन कर रही आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के पास से सीएम का काफिला लौटने लगा तो उन्होंने बस स्टेशन पर पहुंचकर जाम लगा दिया।
गाड़ी छोड़कर पैदल चलना पड़ा
वाहन आगे न बढ़ता देख सीएम, उनके पुत्र तथा आपदा प्रबंधन मंत्री को अपनी गाड़ी छोड़कर पैदल चलना पड़ा। तभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया। प्रशासनिक अधिकारियों ने बमुश्किल गुस्साए लोगों को रोका। बाद में कार्यकत्रियों ने बस अड्डे पर धरना देकर मुख्यमंत्री पुलिस, प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।