मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा का कहना है कि प्रदेश के विकास में कर्मचारियों की अहम भूमिका है, लेकिन उनमें पहाड़ पर नौकरी करने न जाने की प्रवृत्ति बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री शनिवार को रोडवेज मृतक आश्रितों को नियुक्ति के फैसले पर उत्तराखंड रोडवेज इंप्लाइज यूनियन और मृतक आश्रित संगठन की ओर से नगर निगम सभागार में आयोजित आभार रैली को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कर्मचारी पर्वतीय क्षेत्रों में नौकरी करने के लिए तैयार हों, हालांकि यह भी जोड़ा कि कोई कर्मचारी एक ही जगह अधिक समय तक नहीं रहना चाहिए। उनके तबादले होते रहें।
पूरे राज्य को दिक्कतें
सीएम ने कहा कि कर्मचारी मांगों को मनवाने के लिए दबाव डालते हैं, लेकिन उससे पूरे राज्य को दिक्कतें होती हैं। इस दौरान उन्होंने आपदा राहत में परिवहन कर्मियों की भूमिका की सराहना करते हुए मांगों के संबंध में दिवाली के बाद मिलने के लिए कहा।
इस दौरान परिवहन मंत्री सुरेंद्र राकेश, विधायक राजकुमार, कांग्रेस नेता साकेत बहुगुणा, अशोक वर्मा, इंप्लाइज यूनियन के प्रांतीय महामंत्री रवि पचौरी, चंद्रशेखर शर्मा, जगदीश शर्मा, हरि सिंह, दीपक पुन, निरंजन पाल, भोला जोशी, रणवीर तनेजा, राजेंद्र सिंह नेगी, सिंहराज आदि मौजूद रहे।
साकेत ने खूब बटोरी तालियां
साकेत बहुगुणा ने अपने भाषण पर जमकर तालियां बटोरीं। अपने दादा पूर्व मुख्यमंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा के किस्सों से शुरू करते हुए उन्होंने भाषण का समापन रोडवेज कर्मियों के संघर्ष पर किया। साकेत ने कहा कि वह पेशे से अधिवक्ता हैं, इसलिए कभी भी रोडवेज कर्मियों की बात पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री के पास जा सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने भी ली चुटकी
मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने साकेत पर ही चुटकी ले डाली। उन्होंने रोडवेज कर्मियों से कहा कि आप लोगों ने खूब दिमाग लगाया। रवि पचौरी रोडवेज कर्मियों की मांगों पर मेरे आवास के बाहर प्रदर्शन करते हैं तो बेटा साकेत घर के भीतर आपके लिए लड़ता है। ऐसे में मांगें तो माननी ही होंगी। इस दौरान राष्ट्रीयकृत मार्गों पर निजी बसों को परमिट जारी करने के सवाल पर उन्होंने प्रमुख सचिव परिवहन उमाकांत पंवार से मंच से ही फोन पर बात की। बताया कि जांच के लिए कह दिया है।