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सीएम त्रिवेंद्र ने लापरवाही बरतने वाले अफसरों को चेताया, दिए कड़ी कार्रवाई के निर्देश

Fri, 02 Aug 2019 10:20 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : फाइल फोटो
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने लोक निर्माण विभाग के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में लापरवाही बरतने वाले अफसरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को सचिवालय में पीडब्ल्यूडी के विभागीय कार्यों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को चेताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनपद स्तर पर अधीक्षण अभियंता व चीफ  इंजीनियर प्रत्येक 15 दिनों में कार्य स्थल पर जाकर कार्य प्रगति व गुणवत्ता का निरीक्षण करें। किसी भी प्रकार की लापरवाही और शिकायत पर संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।

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मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यों की गुणवत्ता व समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाय। तय समयावधि के भीतर ही निर्माण कार्य पूर्ण किए जाएं। जन सुविधाओं के दृष्टिगत महत्वपूर्ण प्रकृति के कार्यों को शीर्ष प्राथमिकता दी जाय। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अफसरों के वार्षिक मूल्यांकन में मासिक वित्तीय व भौतिक लक्ष्यों की प्राप्ति के अनुरूप दायित्व निर्धारण को शामिल किया जाए। उन्होंने क्षेत्रीय स्तर पर कार्यों की प्रगति का विभागाध्यक्षों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अनुश्रवण करने के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा के अंतर्गत मोटर मार्गों के नवनिर्माण व पुननिर्माण, सेतु निर्माण, राष्ट्रीय राजमार्ग के पुनर्निर्माण एवं सुधारीकरण, चौड़ीकरण व डोबरा चांठी भारी वाहन झूला सेतु निर्माण के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि डोबरा चांठी पुल का निर्माण कार्य मार्च 2020 तक पूर्ण कर लिया जाय। 440 मीटर लंबाई के डोबरा चांठी झूला पुल का 70 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। बैठक में जानकारी दी गई कि चारधाम प्रोजक्ट के तहत 11700 करोड़ रुपये के प्रस्तावित कार्यों में कार्य गतिमान है। इस अवसर पर मुख्य सचिव उत्पल कुमार, अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश, सचिव राधिका झा आदि मौजूद रहे। 
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कौशल विकास से बढ़ेगा स्वरोजगार  
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने तकनीकी शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान कहा कि ऐसे प्रयास किए जाएं कि आईटीआई, पॉलिटेक्निक व इंजीनियरिंग से अपना कोर्स पूर्ण करने के बाद युवाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर मिले। तकनीकी शिक्षा से जुड़े संस्थानों में स्किल डेवलपमेंट पर विशेष ध्यान दिया जाए। युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए कौशल विकास के प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर विशेष बल दिया जाए। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे पॉलिटेक्निक कालेजों की सूची भी उपलब्ध कराएं, जहां से पढ़ाई कर सबसे अधिक छात्रों को रोजगार मिला है। ऐसे क्षेत्रों को भी चिन्हित किया जाय, जिनमें युवाओं को अधिक रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हों। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का सेवा क्षेत्र पर विशेष ध्यान है। उत्तराखंड में सेवा क्षेत्र में रोजगार व स्वरोजगार की बहुत संभावनाएं है। प्रदेश में पलायन रोकने के लिए स्वरोजगार पर सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है, इसमें स्किल डेवलपमेंट की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।

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