राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी से पूर्व उत्तराखंड में खिलाड़ियों का प्रदर्शन बेहतर करने के लिए मुख्यमंत्री ने खेल विभाग को 300 विशेषज्ञ कोच रखने के निर्देश दिए। सीएम हरीश रावत ने कहा कि वह खेलों के विकास के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं और विभागीय मंत्री व सचिव को भी खेल के प्रति और संजीदा होना चाहिए।
हरीश रावत परेड ग्राउंड स्थित मल्टी स्पोर्ट्स कांपलेक्स में (बास्केटबाल, वालीबाल एवं लॉन टेनिस सिंथैटिक कोर्ट), खेल कार्यालय भवन, क्रीड़ा छात्रावास भवन और स्वीमिंग पूल के उद्घाटन पर बोल रहे थे।
मल्टी स्पोर्ट्स पर्सन भी हों सम्मानित
सीएम ने कहा कि खिलाड़ियों के साथ मल्टी स्पोर्ट्स पर्सन (विभिन्न खेलों को खेलने वाले खिलाड़ियों) को भी 15 अगस्त या गणतंत्र दिवस से एक दिन पूर्व या बाद में सम्मानित किया जाए। उन्होंने गैर सरकारी संस्था, कारपोरेट या उद्यमियों को राज्य में खेल सुविधाएं सुधारने के लिए आमंत्रित किया।
परेड ग्राउंड में मुख्यमंत्री ने विभिन्न खेलों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पदक विजेता खिलाड़ियों को विभिन्न राशि के चेक वितरित किए। पैरा ओलंपिक में पदक विजेता खिलाड़ियों को सर्वाधिक तीन लाख, ढाई लाख और डेढ़ लाख राशि के चेक दिए गए। इस दौरान विभिन्न खेलों के कोच भी सम्मानित किए गए।
इससे पूर्व खेल मंत्री दिनेश अग्रवाल ने कहा कि हमारी सरकार बनने से पूर्व परेड ग्राउंड में कुछ आधारभूत खेल सुविधाएं नहीं थी। हमारी सरकार ने परेड ग्राउंड में अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं विकसित की हैं। इस दौरान विधायक राजकुमार, पूर्व मंत्री स्व. सुरेंद्र राकेश की पत्नी ममता राकेश ने मुख्यमंत्री हरीश रावत को खेलों के प्रति समर्पित सीएम बताया।
खेल सचिव शैलेश बगौली ने कहा कि वह वर्तमान खेलों के साथ-साथ पारंपरिक खेलों को भी धरातल पर लाने का प्लान बना रहे हैं। इस मौके पर जिला क्रीड़ा अधिकारी एसके सार्की, एमपी स्पोर्ट्स कॉलेज के प्रधानाचार्य राजेश ममगाईं, दिनेश शर्मा सहित प्रदेश के विभिन्न जनपदों से पहुंचे खिलाड़ी व कोच, सैकड़ों खेल प्रेमी मौजूद रहे।