गंगा स्वच्छता महाअभियान की राष्ट्रीय बैठक में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि वे नमामि गंगे में पूरा सहयोग करने को तैयार हैं, बशर्ते उन्हें बजट मिले। उन्होंने जल्द होने जा रहे अर्द्धकुंभ के लिए अब तक केंद्र से एक भी रुपया नहीं मिलने की बात कही।
सीएम ने कहा कि हम स्वच्छता की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन स्वच्छ भारत के तहत मिलने वाला बजट केंद्र ने आधा कर दिया है। अर्द्धकुंभ के लिए अब तक एक भी रुपया केंद्र सरकार ने नहीं दिया है।
उन्होंने उमा भारती सहित सभी केंद्रीय मंत्रियों से आह्वान किया कि वे उन्हें बजट देने में कंजूसी न करें तो वह मिशन क्लीन गंगा में सबसे आगे खड़े होंगे। बताया कि हर साल बरसात में गंगा में प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है, क्योंकि बड़ी तादाद में चीड़ के जंगलों में आग की राख पानी में बहकर आती है।
उन्होंने केंद्रीय वन मंत्रालय से अनुमति मिलने पर चीड़ के करीब 125 हेक्टेयर जंगलों को काटकर उनकी जगह चौड़ी पत्ती वाले पौधे लगाने की बात कही।