मुख्यमंत्री ने सम्मानित होने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि इससे अन्य लोग और संस्थाएं भी प्रेरित होंगे। उन्होंने कहा कि वे स्वयं समाज और देश के लिए काम करने वाले व्यक्तियों से मिलकर प्रेरित होते हैं। इससे ऊर्जा और उत्साह का संचार होता है।
मुख्यमंत्री ने सूखते जलस्रोतों पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि जलस्रोतों के रिचार्ज पर चल रहे काम को तेजी से आगे बढ़ाना है। इसी तरह से उत्तराखंड की कला को भी प्रचारित किए जाने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वे स्वयं विशिष्ट व्यक्तियों को ऐपण कलाकृति भेंट करते हैं।
सीपीपीजीजी के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. मनोज कुमार पंत ने बताया कि सतत विकास लक्ष्य के तहत विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार और सराहनीय काम करने वाली संस्थाओं और व्यक्तियों को एसडीजी गोलकीपर अवार्ड देने के लिए पूर्व मुख्य सचिव एन रविशंकर की अध्यक्षता में ज्यूरी का गठन किया गया था।
कुल 176 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनके काम का भौमिक सत्यापन करते हुए ज्यूरी द्वारा 27 व्यक्तियों और संस्थाओं को एसडीजी गोलकीपर अवार्ड के लिए चयनित किया गया। कार्यक्रम में सचिव नियोजन रणजीत सिन्हा, यूएनडीपी के नीति विशेषज्ञ जयमॉन उत्थुप आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन शेरॉन ने किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अलग-अलग क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य पर विभिन्न व्यक्तियों और संस्थानों को एसडीजी गोलकीपर अवार्ड से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर दून स्कूल में गणित के शिक्षक चंदन सिंह घुग्तयाल को कोविड के दौरान ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को ऑनलाइन क्लास के माध्यम से अंग्रेजी, गणित व विज्ञान विषयों को पढ़ाए जाने।
देहरादून के जोगिंदर रोहिला को स्थानीय संस्थाओं और सरकारी स्कूलों के साथ मिलकर 30 से अधिक पुस्तकालय स्थापित करने। उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली के लिए सेवा इंटरनेशनल चमोली व उत्तराखंड एसोसिएशन फॉर एचआईवी देहरादून, सफाई और स्वच्छ ऊर्जा के लिए नैनीताल के केबी सिस्टम, उपभोग और उत्पादन के लिए बेस्ट वॉरियर्स देहरादून, जलवायु परिवर्तन के लिए ऊधमसिंह नगर के अमित कुमार जैन को पुरस्कृत किया गया। भूमि पर जीवन विषय पर पिथौरागढ़ के दिनेश गुरुरानी को पुरस्कृत किया गया।
पिथौरागढ़ के दिनेश गुरुरानी को पौधरोपण के कार्य को जीवन के अहम अवसरों जैसे जन्म दिन, विवाह आदि से जोड़ते हुए अब तक 70 हजार से अधिक वृक्ष लगाने। उचित कार्य एवं आर्थिक वृद्धि पर पर्वतीय चाय उत्पादन स्वायत सहकारिता बेरीनाग पिथौरागढ़ को पुरस्कृत किया गया। बताया गया कि पिथौरागढ़ के बेरीनाग में बेरीनाग चाय को एक ब्रॉन्ड के रूप में विकसित किया गया है। जिसे अमेजन, फिलिपकार्ट आदि के माध्यम से बेचा जा रहा है। इससे स्थानीय लोगों की आर्थिक स्थिति में व्यापक परिवर्तन आया है। रुद्रप्रयाग के कैलाश पुष्पवान और अल्मोड़ा की नमिता तिवारी को भी उचित कार्य एवं आर्थिक वृद्धि के क्षेत्र में कार्य के लिए पुरस्कृत किया गया।
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उद्योग स्थापना और नवाचार के लिए हरिद्वार के मनमोहन भारद्वाज व देहरादून के सिद्धार्थ माधव, गरीबी समाप्त करने को लेकर ऊधमसिंह नगर के कपिल तलवार, हिमालयन एक्शन रिसर्च सेंटर देहरादून, भुखमरी एवं कुपोषण समाप्त करने को लेकर नैनीताल के बची सिंह बिष्ट, बागेश्वर के हितैषी संस्था, लैंगिक समानता के लिए अल्मोड़ा की इंदिरा अधिकारी, हिमगिरी नैचुरल को-ऑपरेटिव सोसाइटी अल्मोड़ा, असमानताओं में कमी पर नेशनल एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड नैनीताल, न्याय के लिए अल्मोड़ा की संतोष मासीवाल, ग्रामीण पर्यावरण और शैक्षिक विकास सोसायटी चंपावत, लक्ष्य प्राप्ति में सामूहिक साझेदारी के लिए सोसाइटी ऑफ हिमालयन इंवायरमेंट एंड जियोलॉजी पिथौरागढ़, उम्मीद नेटवर्क देहरादून, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा व ऊधमसिंह नगर, आसरा ट्रस्ट देहरादून, साफ पानी और स्वच्छता के लिए हिम्मोत्थान सोसाइटी देहरादून व हिमालयन ग्रासरुट डेवलपमेंट फाउंडेशन अल्मोड़ा को पुरस्कृत किया गया।