मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अपने दूसरे कार्यकाल की पहली कैबिनेट बैठक में राज्य में सिविल यूनिफॉर्म कोड के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई। अब इसे लागू करने के लिए एक्सपर्ट की एक कमेटी बनाई जाएगी, जिसमें सुप्रीम के सेवानिवृत्त न्यायाधीश भी शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि इसका ड्राफ्ट जल्द ही बन जाएगा। उन्होंने कहा कि देवभूमि को बेहतर प्रदेेश बनाने में उनकी सरकारी जुटी हुई है।
श्रीश्री रविशंकर ने कहा कि आर्ट ऑफ लिविंग का मूल सिद्धांत अपने भीतर शांति खोजना और हमारे समाज में विभिन्न संस्कृतियों, परंपराओं, धर्मों, राष्ट्रीयताओं के लोगों को एकजुट करना है। इससे पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकुल के सभागार में श्री जेएन सिन्हा मेमोरियल राजकीय उपजिला चिकित्सालय रुड़की की डायलिसिस यूनिट का लोकार्पण किया।
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गंगा सभा के अध्यक्ष प्रदीप झा, महामंत्री तन्मय वशिष्ठ ने मुख्यमंत्री व श्रीश्री रविंशकर को पटका पहनाकर सम्मानित किया। इसके साथ ही गंगाजली व स्मृति चिह्न भी भेंट किए। इस मौके पर स्वागत मंत्री सिद्धार्थ चक्रपाणी, उज्ज्वल पंडित, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, रानीपुर विधायक आदेश चौहान, कन्हैया खेवड़िया, राजीव भट्ट आदि मौजूद रहे।
हरिद्वार में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पतंजलि योगपीठ में मोरारी बापू के सानिध्य में मानस गुरुकुल विषय पर आयोजित श्रीराम कथा के छठे दिन कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री धामी ने योग गुरु स्वामी रामदेव, परमार्थ निकेतन के स्वामी चिदानंद मुनि, आचार्य बालकृष्ण के साथ श्रीराम कथा सुनी।
बृहस्पतिवार को कथा के विश्राम के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मोरारी बापू से शिष्टाचार भेंट की एवं संतों की मौजूदगी में आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कथा हम सब सुनना चाहते हैं। लेकिन कथा सुनने का सौभाग्य सभी को नहीं मिलता है। परम सौभाग्य है कि मोरारी बापू से श्रीराम कथा सुनने का दूसरी बार मौका मिला। इससे पहले मोरारी बापू की श्रीराम कथा सुनने के लिए खटीमा से अल्मोड़ा डोल आश्रम गया था।