अलग संस्कृति के लिए पहचाना जाने वाले उत्तराखंड का जौनसार-बावर क्षेत्र शनिवार को छोटी दिवाली (नांदरीदिआवी) के रंग में रंगा नजर आया।
देर रात तक लोग होलाडे़ (सूखी लकड़ी की मशाल) लेकर पंचायती आंगन में नाचते-गाते रहे। इससे पहले सुबह मंदिरों में देवता के दर्शन के लिए लोगों की लाइन लगी रही।
जौनसार के समाल्टा, कनबुआ, पानुवा, अलसी, सकनी, बिजऊ, कोटी, भुगतार, समाया, बडनू, उत्पाल्टा, उपरोली, कोरुवा, भंजरा, सुरेऊ, चंदेऊ, थंणता, क्यावा समेत दर्जनों गांवों में शनिवार को छोटी दिवाली का पर्व मनाया गया।
सुबह के समय ग्रामीण पंचायती आंगन में एकत्र हुए। यहां से महिलाएं, पुरुष, बच्चे ढोल दमाऊ के साथ नाचते-गाते एक निश्चित स्थान पर एकत्र हुए।