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सीएम अपनी सुरक्षा खुद करें, विमान का बीमा नही है!

Thu, 10 Oct 2013 12:02 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
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कोई बगैर बीमित दुपहिया भी सड़क पर चले तो तत्काल चालान हो जाएगा। लेकिन सरकार के जिस स्टेट प्लेन और कॉप्टर में मुख्यमंत्री से लेकर तमाम वीवीआईपी उड़ान भरते हैं उसका क्या कीजिएगा ? दोनों का आज तक बीमा भी नहीं कराया गया।
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यानी पायलट के अलावा जितने भी वीवीआईपी चौपर या कॉप्टर में सवार होते हैं उनके जीवन के जोखिम की सरकार को कोई परवाह नहीं रह गई। बहाना यही बनाया जाता है कि बीमा कराने के लिए दी जाने वाली प्रीमियम राशि बहुत अधिक होती है।

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वायुयान का अभी तक कोई बीमा नहीं
सूचना के अधिकार के तहत देहरादून निवासी राजीव थपलियाल को दी गई जानकारी में नागरिक उड्डयन निदेशालय ने बताया कि राज्य के हेलीकॉप्टर व वायुयान का अभी तक कोई बीमा नहीं कराया गया। दोनों ही बगैर बीमा हुए ही उड़ान भर रहे हैं।
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कीमत 40 करोड़ से भी ज्यादा
यह वैसे भी एक गंभीर मसला है कि राज्य में पिछले आठ सालों से सरकार ने ना तो स्टेट प्लेन का बीमा कराया और ना ही हैलीकॉप्टर का। वीवीआईपी उड़ान भरते है।

वैसे भी स्टेट प्लेन व कॉप्टर काफी पुराने भी हो गए है। बताया जा रहा है कि प्रीमियम राशि बहुत अधिक होने के कारण बीमा नहीं कराया गया।

राज्य सरकार ने 2004 में लगभग बीस करोड़ रुपए में हेलीकॉप्टर खरीदा था। बाजार में इस कॉप्टर की कीमत इस समय 40 करोड़ से भी ज्यादा है। 2005 में लगभग 24 करोड़ में स्टेट प्लेन खरीदा था।

लोगों के लिए भी भारी परेशानी
विभागीय सूत्र बताते है कि नियमत: बीमा कराया जाना चाहिए लेकिन यदि दोनों का बीमा करा दिया जाए तो एक एक करोड़ रुपए प्रीमियम राशि के तौर पर ही देने पड़ेंगे।

लेकिन बीमा नहीं होना वीवीआईपी के साथ चलने वाले लोगों के लिए भी भारी परेशानी पैदा कर सकता है। क्योंकि हर सीट के साथ पायलट का बीमा भी इस प्रीमियम राशि में शामिल होता है।
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