बढ़ती गर्मी के बीच पेयजल संकट से जूझ रहे लोगों की समस्या सुलझाना पेयजल मंत्री के लिए ज्यादा जरूरी है। यह बात अब मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मानी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जरूरी है कि विभागीय मंत्री 24 घंटे पेयजल व्यवस्था की मानीटरिंग करें। इसके लिए उन्होंने पेयजल मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी को डोली यात्रा छोड़ लौटने का संदेश भिजवाया है। रविवार को एक कार्यक्रम के बाद मीडिया के सवालों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पेयजल मंत्री को संदेश भेजा है कि फिलहाल डोली यात्रा का जिम्मा किसी और को सौंपकर तत्काल लौट आएं।
इस समय पेयजल मंत्री की जरूरत पेयजल व्यवस्था सुचारु कराने को लेकर ज्यादा है। मुख्यमंत्री ने खुद भी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि लोगों को पेयजल संकट से निजात दिलाने में तत्परता से काम करें। गौरतलब है कि पेयजल मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी पांच मई को टिहरी से विश्वनाथ जगदीशिला डोली यात्रा लेकर रवाना हुए थे।
पूरे प्रदेश का भ्रमण करने के बाद यह यात्रा गंगा दशहरा के मौके पर 28 मई टिहरी में ही संपन्न होगी। यात्रा की शुरुआत मंत्री प्रसाद ने वर्ष 2000 में की थी। वर्ष 2012 तक गढ़वाल के कुछ क्षेत्रों तक यात्रा जाती थी लेकिन अब पूरे प्रदेश में यात्रा जाती है। नैथानी की इस यात्रा पर पहले भी विवाद उठते रहे हैं।
मैं लगातार मॉनीटरिंग कर ही रहा हूं। मुख्यमंत्री से मेरी बात दो दिन पहले हुई थी। उन्होंने कहा था कि मॉनीटरिंग की जरूरत है। जहां-जहां यात्रा जा रही है, वहां की पेयजल और अन्य दिक्कतों पर मैं अधिकारियों से बात कर रहा हूं। रोज सीएमडी और एमडी से बात भी होती है। अन्य स्थानों का भी फीडबैक ले ही रहा हूं। जहां तक देहरादून आने का सवाल है, अगर कोई बड़ी समस्या होगी तो आऊंगा ही। विधानसभा सत्र में भी तो मैं आया ही था। यात्रा को सिर्फ निजी धार्मिक भावना से क्यों जोड़ा जा रहा है। मैं ऐसी-ऐसी जगह पहुंचा हूं, जहां कोई अधिकारी, नेता नहीं पहुंचता। इन क्षेत्रों के बारे में भी सोचिए। इनकी समस्या समस्या नहीं है क्या।
- मंत्री प्रसाद नैथानी, पेयजल मंत्री