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CM साहब ने पहले घोषणाएं कीं, फिर वापस ले ली

Thu, 20 Aug 2015 12:47 PM IST
बिशन सिंह बोरा/ अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड में मंत्री और विधायकों को छोड़ो, खुद मुख्यमंत्री की कई घोषणाओं पर अमल होने वाला नहीं है। यह सुनकर आपको थोड़ा अजीब लगे, लेकिन यह हकीकत है।
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सीएम ने कुछ घोषणाएं करने के बाद खुद उन्हें समाप्त कर दिया है। यानी सीएम की जिन घोषणाओं के पूरा होने की जनता आस लगाए है, वह अब पूरी नहीं होंगी। यह बात अलग है कि बगैर होमवर्क किए जनप्रतिनिधियों के दबाव में यह घोषणाएं की गईं थीं।

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पिछले एक साल में शिक्षा विभाग की इक्का-दुक्का नहीं, बल्कि 205 से अधिक घोषणाएं कीं। इनमें माध्यमिक में 87 घोषणाएं भवन निर्माण की हैं, वहीं 51 घोषणाएं जूनियर हाईस्कूल को हाईस्कूल एवं हाईस्कूल को इंटरमीडिएट कॉलेज के रूप में अपग्रेड करने की हैं।
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इसके अलावा 15 घोषणाएं स्कूलों का नाम कारगिल शहीदों एवं स्वतंत्रता संग्राम नानियों के नाम पर रखे जाने एवं कुछ प्राथमिक विद्यालयों का उच्चीकरण और नए विद्यालय खोलने से संबंधित हैं। हैरानी की बात यह है कि मुख्यमंत्री की फरवरी 2014 से लेकर अब तक की गई इन घोषणाओं में कुछ घोषणाएं ऐसी हैं, जिन्हें क्षेत्र की जनता पूरी होने की आस लगाए है।
इन घोषणाओं के दौरान खूब वाहवाही भी लूटी गई, लेकिन यह अब पूरी नहीं होंगी। नवंबर 2014 में की गई कुछ घोषणओं को इस वर्ष सीएम ने खुद ही अनुमोदन कर समाप्त कर दिया है।

सीएम की घोषणाओं पर सवाल
मुख्यमंत्री भले यह कह रहे हैं कि उनके द्वारा की गई 90 फीसदी घोषणाएं पूरी हो चुकी हैं या फिर उन पर काम हो रहा है, लेकिन शिक्षा विभाग की बात करें तो सीएम की मुश्किल से 22 फीसदी घोषणाओं पर ही अब तक अमल हो पाया है। उनकी अधिकतर घोषणाएं अधूरी हैं।

समाप्त हुई सीएम की घोषणाएं
पिथौरागढ धारचूला में 14 नवंबर 2014 को सीएम ने गर्गुवा में जूनियर हाईस्कूल की स्वीकृति की घोषणा की थी, जिसे दो मार्च वर्ष 2015 को सीएम ने खुद ही समाप्त कर दिया।

-19 फरवरी 2014 को सीएम ने खानपुर हरिद्वार में शेरपुरबेला में प्राथमिक विद्यालय को उच्च प्राथमिक विद्यालय में उच्चीकृत करने की घोषणा की, लेकिन इसका प्रावधान न होने से शासन ने घोषणा समाप्त करने के लिए सीएम को लिखा है।

-19 जनवरी 2014 को हरिद्वार में मुख्यमंत्री ने जिले के  एक दर्जन विद्यालयों को प्राथमिक से जूनियर हाईस्कूल में और हाईस्कूल को इंटरमीडिएट में उच्चीकृत करने की घोषणा की, लेकिन इसे भी समाप्त कर दिया गया है।

-दून विकासनगर में 20 अगस्त 2014 को ग्रामसभा भलेर के ग्राम हथियारी एवं नवाबगढ़ पुल पार बस्ती में नया प्राथमिक विद्यालय खोलने की घोषणा की, लेकिन सीएम की यह घोषणा भी समाप्त कर दी गई।
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शिक्षा की बात नहीं है, स्वास्थ्य, वन विभाग सहित अन्य विभागों में भी जनता की वाहवाही लूटने के लिए कोरी घोषणाएं हुई हैं। सीएम का इन्हें समाप्त करना दुर्भाग्यपूर्ण है। जब उनकी घोषणाओं पर अमल नहीं होगा तो मंत्री और विधायकों की घोषणाओं पर जनता कैसे विश्वास करेगी।
- रविंद्र जुगरान, भाजपा नेता एवं युवा कल्याण परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष
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