मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि राज्य में स्थापित जल विद्युत परियोजनाओं पर जल कर, खनन एवं वन उत्पादों पर निकासी कर, एक मुश्त प्रवेश कर आदि पर विचार किया जाए ताकि प्रदेश में राजस्व आय में वृद्धि हो।
राज्य में राजस्व बढ़ाने के लिए सीएम ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि निर्धारित राजस्व लक्ष्य समय पर प्राप्त करें। प्रदेश में राजस्व आय के नए स्रोतों पर भी विचार कर अगले साल के लिए योजनाएं तैयार कर ली जाए।
राजस्व आय के संबंध में समीक्षा
शुक्रवार को देर शाम सचिवालय में सीएम ने व्यापार कर, स्टांप, मनोरंजन कर, राजस्व, वन, ऊर्जा, परिवहन, आबकारी सहित अन्य संबंधित विभागों की राजस्व आय के संबंध में समीक्षा की। सीएम ने विभागवार अब तक के कर राजस्व की प्रगति एवं आगामी तीन माह की संभावित कर प्राप्ति की योजनाओं पर चर्चा की।
सीएम ने जनता पर करों का बोझ कम कर आय के अन्य संसाधनों में भी वृद्धि के प्रयास को कहा। उन्होने विभिन्न राज्यों के कर संग्रह पद्धति का भी अध्ययन करने को कहा है।
सीएम ने कहा कि वन विकास निगम नदियों के ड्रेजिंग का भी काम देखे। इसके साथ खनन आदि कार्य को कैसे और बेहतर तरीके से किया जा सकता है, इसका भी अध्ययन करे। परिवहन विभाग को निर्देश दिए कि एक मुश्त कर व्यवस्था को लागू करने पर विचार किया जाए।
बैठक में सीएस एन.रविशंकर, प्रमुख सचिव परिवहन एस.रामास्वामी, सचिव मुख्यमंत्री मो. शाहिद, सचिव ऊर्जा डा. उमाकांत पंवार, सचिव वित्त भास्करानंद, सचिव लोनिवि अमित नेगी, अपर सचिव दिलीप जावलकर आदि मौजूद थे।