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CM हरीश रावत ने एसडीएम को बनाया पावरफुल

Thu, 06 Feb 2014 10:10 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड में विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए कैबिनेट ने अब प्रत्येक तहसील मुख्यालय पर एसडीएम की अध्यक्षता में कमेटी गठित करने का फैसला लिया है।
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कमेटी गठित करने का फैसला
यह जानकारी मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कैबिनेट बैठक के बाद दी। प्रदेश में विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए मंत्रिमंडल ने अब प्रत्येक तहसील मुख्यालय पर एसडीएम की अध्यक्षता में कमेटी गठित करने का फैसला लिया है।

कमेटी को एक करोड़ तक के निर्माण और विकास कार्य कराने का अधिकार होगा। इसके लिए उन्हें किसी उच्च अधिकारी से अनुमति की जरूरत नहीं पड़ेगी। जबकि आपदाग्रस्त जनपदों में अत्यधिक प्रभावित आठ इलाकों यह कमेटी उच्चाधिकारी की देखरेख में काम करेगी।
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मुख्यमंत्री का कहना है कि इस व्यवस्था से अधिकारी के पास आर्थिक और प्रशासनिक अधिकार होंगे और पुनर्निर्माण कार्य प्रक्रिया में नहीं उलझेगा।

वहीं भाजपा राज के दौरान हुए आधा दर्जन घोटालों की जांच के लिए गठित त्रिपाठी जांच आयोग का कार्यकाल भी तीस जून 2014 तक के लिए बढ़ाया गया।

बैठक में मंत्रियों के प्रभार को लेकर भी चर्चा हुई। हालांकि मंत्रियों को विभाग बांटने का अंतिम प्रारूप जल्द जारी होगा। बैठक में आपदा प्रभावितों के निजी मुआवजा राशि के सभी प्रकरणों को 20 फरवरी तक निस्तारित करने का फैसला किया गया है।

आरक्षण की संभावना
उत्तराखंड सरकार आपदा से प्रभावित परिवारों को नौकरी या व्यवसाय देने की भी कार्ययोजना पर काम करेगी। ऐसे परिवार जिनके पास अब आजीविका के साधन नहीं हैं उन्हें विशेष ट्रेनिंग देकर किसी न किसी रूप से आर्थिक तौर पर भी खड़ा किया जाएगा।

कैबिनेट के फैसले के मुताबिक आपदा में मृतक आश्रितों को नौकरी में आरक्षण की संभावना तलाशी जा रही है। स्टेट डिजास्टर रिलीफ फंड (एसडीआरएफ ) में जो प्राविधान है उसे सरल कर आश्रित के बालिग होने पर उसे रोजगार मिल सकने का प्राविधान करने की तैयारी है।

9 फरवरी को होंगे कई उद्घाटन शिलान्यास
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रभारी कैबिनेट मंत्रियों को 9 फरवरी को जनपदों में जाने के निर्देश दिए हैं। इस दिन सरकार बड़ी संख्या में योजनाओं का शिलान्यास करेगी साथ ही कई उद्घाटन किए जाएंगे।

चारधाम मार्ग पर बाजार विकसित होंगे
मंत्रिमंडल में चारधाम यात्रा मार्ग पर सराय की अवधारणा पर बाजार विकसित किए जाएंगे। जगह जगह ऐसे बाजार बनेंगे जहां लोगों को ठहरने, खाने सहित अन्य जरूरत की सभी चीजें मिल सकेंगी।

समूह ग के आवेदन अब निशुल्क
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने समूह ग की प्रवेश परीक्षा के आवेदन फार्म पर पूर्व सीएम विजय बहुगुणा के फीस के फैसले को पलट दिया है।

मंत्रिमंडल की बैठक में समूह ग की प्रवेश परीक्षा का आवेदन निशुल्क कर दिया गया है। बहुगुणा मंत्रिमंडल ने  हाल ही अनुसूचित जाति जनजाति के लिए तीन सौ रुपये और सामान्य वर्ग के लिए पांच सौ रुपए फीस निर्धारित की थी।

गन्ना मिल मालिकों को छूट
बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में मिल मालिकों को गन्ना क्रय में 2 रुपए प्रति क्विंटल की छूट देने का फैसला लिया है। प्रथम चरण में 260 प्रति क्विंटल मिल गेट पर गन्ना मूल्य भुगतान किया जाएगा और शेष राशि पेराई सत्र की समाप्ति पर दी जाएगी।

इसके अलावा वर्तमान पेराई सत्र हेतु गन्ना मूल्य अगेती प्रजाति के लिए 295 रुपए प्रति क्विंटल और सामान्य प्रजाति के लिए 285 प्रति रुपए प्रति क्विंटल दिया जाएगा।

केदारघाटी के लिए अलग प्लान
बैठक के बाद मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बताया कि केदारघाटी को बसाने के लिए बिल्कुल अलग व्यवस्था होगी। वहां एक छोटी टाउनशिप विकसित करेंगे। इसके लिए वहां की पंडा बिरादरी और व्यापारियों को साथ लेकर ही कोई योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।

जीएसआई की रिपोर्ट पर भी ध्यान दिया जाएगा। कैबिनेट ने फैसला लिया है कि केदारनाथ मंदिर का काम एएसआई के माध्यम से कराया जाएगा।

मंदिर की 100-150 मीटर की परिधि में कोई छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। केदारनाथ क्षेत्र के प्रभावितों को तीन श्रेणियों में विभाजित कर उनके पुनर्वास की नीति बनायी जाएगी।

कैबिनेट के अन्य फैसले
1. किसी भी मुआवजे के संदर्भ में संभ्रम की स्थिति में प्रभारी मंत्री पूर्ण रूप से अधिकृत होंगे।
2. किसी मुआवजे में विवाद की स्थिति में वसूली का भी प्राविधान रखा जाएगा लेकिन उसे मुआवजा उस प्रतिबंध के साथ प्रदान किया जाएगा। गौशालाओं के मुआवजे में किसी प्रकार का कोई भेदभाव न हो। सभी प्रकार की गौशालाओं व खर्क को राहत राशि अनुमन्य होगी।

3. उत्तराखंड के प्रत्येक प्रभावित परिवार के पुनर्वास के लिए योजना तैयार की जाएगी जिसमें शिक्षा स्वास्थ्य, आवास व आजीविका के लिए प्रशिक्षण को प्राथमिकता दी जाय।
4. सचल व्यावसायिक प्रशिक्षण केन्द्र खोले जाएंगे।

5. प्रशिक्षण के पश्चात व्यवसाय प्रारंभ करने वालों के उत्पादों के सुनिश्चित विपणन के लिए समिति बनायी जाय। समिति व राज्य सरकार में एमओयू हो जिसके माध्यम से राज्य सरकार 20 वर्षों तक उत्पादों को खरीदेगी।

6. जिन प्रभावितों की आजीविका पर पूरी तरह से समाप्त हो गई उनकी आजीविका हेतु विशेष मुआवजा राशि देने पर विचार किया जाय। आजीविका की यह मुआवजा राशि संपत्ति की मुआवजा राशि से अलग होगी। यह मुआवजा केवल स्थानीय प्रभावितों को ही दिया जाएगा। इसके लिए अलग से नीति तैयार की जाएगी।

7. ऐसे टैक्सी संचालक व होटल मालिक ढाबा आदि प्रभावितों को एक अथवा दो वर्ष के लिए टैक्स माफी देने पर विचार किया जाएगा।
8. नदियों में आए मलबा को हटाने व रिचैनलिंग के लिए विशेषज्ञ की तैनाती की जाय।
9. रुद्रप्रयाग से रामबाड़ा मार्ग के निर्माण कार्य को फास्ट ट्रैक पर पूरा किया जाए।

10. रामबाड़ा केदारानाथ मार्ग के लिए विश्व स्तरीय सलाहकारी संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा। अप्रैल में बर्फ  पिघलने पर काम शुरू होना है तब तक योजना तैयार कर ली जाय। रामबाड़ा से ऊपर नदियों के रिचैनलिंग व पहाड़ों के स्थिरीकरण के लिए विश्व स्तरीय संस्थाओं का सहयोग लिया जाए। जबकि रामबाड़ा से नीचे राज्य सरकार अपनी संस्थाओं के माध्यम से कार्य करेगी।

11. केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों का रेखीय विभागों में विभाजन कर समयबद्ध क्रियान्वयन की कार्ययोजना बनाई जायगी।
12. गौरीकुंड से ऊपर कार्य करने के लिए उच्च स्तरीय अधिकारियों की तैनाती की जाएगी। कार्मिकों में पूर्व सैनिकों को प्राथमिकता दी जाय। वायु सेना से सहयोग के लिए अभी से संपर्क किया जाय।
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दून एसएसपी पर बोले सीएम
देहरादून के एसएसपी को किसी नेता कहने पर हटाए जाने के भाजपा के आरोप पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं ऐसी छोटी बातें और व्यर्थ में टिप्पणी नहीं करता। अधिकारियों को बदलने के प्रशासनिक निर्णय होते हैं।
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